मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान शुरू होने से ठीक पहले पंजाब के कई हिस्सों में वायरल हो रहे एक वीडियो ने सरकार की नींद उड़ा दी है। वीडियो में कहा गया है कि यह वैक्सीन अल्पसंख्यकों को नपुंसक बना देगी। लेकिन राहत की खबर यह है कि इस संबंध में सिखों की सर्वोच्च्च संस्था शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) आगे आई और उसने वीडियो बनाकर उसका खंडन किया है। अब सरकारी तंत्र निचले स्तर पर एसजीपीसी का वीडियो वायरल कर रहा है।
सूबे में एक मई से मीजल्स-रूबेला टीकाकरण अभियान की शुरूआत होनी थी। इसके तहत नौ माह से 15 साल तक के 15 लाख बच्चों को कवर किया जाना है। लेकिन अभियान शुरू होने से ऐन पहले एक वीडियो वायरल हुआ। उसमें कहा गया कि यह वैक्सीन अल्पसंख्यकों को नपुंसक बनाने की आरएसएस की योजना है। बहुत से देशों में इस दवा पर बैन है। लेकिन कंपनी मोदी सरकार के जरिए इसे यहां भेज रही है। इस दवा के उपयोग से अल्पसंख्यकों के बच्चे नपुंसक हो जाएंगे। वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जिलों के अफसरों ने आला अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद जिलों में डिप्टी कमिश्नर और सिविल सर्जन की ओर से बयान जारी कर इसका खंडन किया गया। प्रशासन अपने स्तर पर हर तरह के मीडिया का प्रयोग कर इस भ्रामक वीडियो से लड़ने में लगा था। इसी बीच एसजीपीसी की ओर से एक वीडियो जारी कर पहले वीडियो का खंडन किया गया। आनन-फानन में जिलों में सरकारी तंत्र इसे वायरल करने में जुट गया है। सरकार को उम्मीद है कि एसजीपीसी के वीडियो के बाद लोग गुमराह नहीं होंगे और टीकाकरण अभियान में शामिल होंगे।
एमआर वैक्सीन में कोई बुरा इफेक्ट नहीं
एसजीपीसी द्वारा तैयार 1.36 मिनट के वीडियो में चीफ खालसा दीवान के प्रधान डॉ. संतोख सिंह ने लोगों से अपील करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वह मेडिकल कॉलेज से सर्जरी के प्रोफेसर पद से रिटायर हुए हैं और चीफ खालसा दीवान अमृतसर के प्रधान हैं। एक वीडियो देख कर बहुत दुख लगा कि लोग पब्लिक के जज्बात से खेल रहे हैं। कह रहे हैं कि एमआर वैक्सीन देने का जो अभियान चलाया है सरकार ने, वह सिख और मुस्लिम न लें।
बड़ी हैरानी की बात है, बड़ी शर्म की बात है कि हम हेल्थ को पॉलिटिक्स से मिला रहे हैं। एमआर वैक्सीन में कोई बुरा इफेक्ट नहीं है। मैं सारी पब्लिक से पुरजोर अपील करता हूं और अपने सीकेडी के सारे पचास स्कूलों के प्रिंसिपल को आदेश देता हूं कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई इस लोक लहर को आगे बढ़ाएं। बच्चों की बेहतरी के लिए, उनकी सेहत के लिए, जिस तरह बाकी वैक्सीन बचपन से, जन्म से 8-10 साल तक देते हैं, एमआर वैक्सीन भी लगवाएं, कैंपेन में पूरी तरह हिस्सा लें।
सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का आगाज
सूबे के सबसे बड़े मीजल्स रूबेल टीकाकरण अभियान का आगाज मंगलवार को हुआ। जिसमें नौ माह से 15 साल तक के राज्य भर के 73,50,382 बच्चों को एमआर वैक्सीन मुफ्त दी जाएगी। मुहिम में 56974 हेल्थ स्टाफ के अलावा 48983 स्वैच्छिक टीचर भी शामिल होंगे। राज्य भर में 5200 टीमों का गठन किया गया है। पहले चरण में स्कूलों को कवर किया जाएगा, दूसरे चरण में आउटरीच अभियान चलाया जाएगा।
भ्रामक वीडियो वायरल होने के बाद सेहत विभाग ने जिलास्तर पर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। सभी जगह डीसी और सिविल सर्जन इसमें लगे हैं। बहुत सी संस्थाएं भी अभियान में सहयोग कर रही हैं। एसजीपीसी का वीडियो मैंने देखा नहीं है, लेकिन ऐसा कोई भी कदम काफी सहायक होगा।
- वरुण रूजम, सचिव, सेहत विभाग