तेज रफ्तार जिंदगी ने सड़क हादसे बढ़ा दिए हैं। यही वजह है कि यातायात प्रबंधन एक विषय के रूप में सामने आया है। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने सड़क यातायात शिक्षा संस्थान (आईआरटीई) गुरुग्राम को पहला स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम मास्टर्स ऑफ साइंस (एमएससी) शुरू करने की मंजूरी दी है। यह मंजूरी दो वर्ष के लिए है। इस कोर्स की एक सेमेस्टर की फीस 71 हजार रुपये है। दो वर्ष के चार सेमेस्टर की पढ़ाई का खर्च करीब 2.84 लाख रुपये आएगा। यातायात प्रबंधन पर कोर्स कराने वाली एमडीयू एशिया की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है।
यातायात प्रबंधन के दो वर्षीय पीजी कोर्स का उद्देश्य छात्रों को यातायात एवं परिवहन प्रबंधन की प्रणालियां संभालने और उन्हें डिजाइन करने के गुर सिखाना है। पाठ्यक्रम में परिवहन एवं यातायात इंजीनियरिंग, चालक प्रशिक्षण एवं फ्लीट प्रबंधन, सड़क सुरक्षा ऑडिट, सड़क दुर्घटना जांच (रोडक्रैश इनवेस्टिगेशंस), यातायात इंजीनियरिंग, फोरेंसिक इंजीनियरिंग, रोड असिस्ट फाइनेंसिंग व दुर्घटना के बाद प्रबंधन (पोस्टक्रैश मैनेजमेंट) सिखाया जाएगा। इस पाठ्यक्रम को आरंभ करने का उद्देश्य आईआरटीई एवं संयुक्त राष्ट्र यूरोपीय आर्थिक आयोग के बीच हुए समझौते के तहत समूचे दक्षिण पूर्व एशिया में अन्य संस्थानों में ऐसे एमएससी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना है।
आईआरटीई एक एनजीओ है। यह संस्था ट्रैफिक व्यवस्था पर काम रही है। बढ़ते हादसों व परिवहन क्षेत्र की जरूरतों के चलते यातायात प्रबंधन कोर्स शुरू किया गया है। दो वर्षीय पीजी कोर्स आईआरटीई चलाएगी। इसके लिए विवि ने 30 सीटें दो वर्ष के लिए दी हैं। कोर्स के सकारात्मक परिणाम मिलने पर भविष्य के लिए कदम उठाए जाएंगे। संस्थान के पास अपना इंफ्रास्ट्रक्चर है।
- डॉ. एएस बूरा, डायरेक्ट, इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एंड रिसर्च, एमडीयू
प्रदेश में हादसे और उनमें दम तोड़ने वाले
वर्ष हादसे मौत
2013 10,482 4517
2014 10676 4483
2015 11174 4879
2016 11234 5024
2017 10625 4828 (नवंबर तक)