केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर
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देश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों की रैंकिंग में चंडीगढ़ के एमसीएम डीएवी कालेज सेक्टर-36 ने नंबर वन पर आकर सिटी ब्यूटीफुल का नाम रोशन किया। इस खिताब के साथ एमसीएम डीएवी कालेज देश का स्वच्छ कालेज बन गया है। नई दिल्ली में सोमवार को आयोजित अवार्ड समारोह में कालेज को यह खिताब मानव संस्थान विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर के हाथों दिया गया। अवार्ड को कालेज प्रिंसिपल डॉ. निशा भार्गव की ओर से ग्रहण किया गया।
कॉलेज की बुनियादी तौर से स्वच्छता पर रहा है खास ध्यान
कालेज प्रिंसिपल ने बताया कि कालेज की बुनियादी तौर से ही यहां स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई। लेकिन 2014 से स्वच्छता को लेकर और योजनाओं को पुख्ता किया गया। कॉलेज के प्रयासों में स्वच्छ भारत अभियान के तहत बायो गैस प्लांट लगाना, वर्मीक पोस्टिंग, पौधरोपण अभियान, सौर ऊर्जा निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रियल टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, वेस्ट सेनिग्रेशन, नीले और हरे कूडे़दान कैंपस में रखने, परिसर की सफाई, एनएसएस की ओर से परिसर और आसपास के परिवेश की सफाई, सफाई स्वच्छता एवं सेनिटेशन पर दत्तक गांव बढे़री में जागरूकता अभियान चलाना, स्वच्छता पखवाड़ा एवं स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप शामिल है।
भविष्य में अधिक गांव लेंगे गोद
कालेज प्रिंसिपल डॉ. भार्गव ने कहा कि यह अवार्ड स्वच्छता के प्रति अपने सरोकार और दायित्व को रखने के लिए मिला है। इस पर कालेज प्रबंधन और छात्रों को गर्व है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के साथ-साथ ही एमसीएम ने स्वच्छता संबंधी अपने लक्ष्य का सामंजस्य बनाए रखा है।
वेस्ट मैनेजमेंट के आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों को प्रोत्साहित करना, सफाई एवं स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूकता बनाना, सफाई रखने के व्यवहारिक बदलाव को प्रभावी बनाना - ये सभी उद्देश्य केंद्रीय स्वच्छ भारत मिशन के सर्वथा अनुरूप हैं। इस सिद्धांत से मार्गदर्शन लेकर एमसीएम सस्टेनेबल डेवलपमेंट तथा समाज के सभी स्तरों के विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील रहता है। वे भविष्य में भी अधिक गांव जैसे धनास, कजहेड़ी और किशनपुरा गांव को गोद लेकर स्वच्छता अभियान जारी रखेंगे।