मीडिया में नगर निगम की लगातार किरकिरी होने के बाद सदन में भाजपा पार्षदों के दबाव में एक फैसला लिया गया। इसके तहत सिर्फ कमिश्नर, तीनों अतिरिक्त कमिश्नर और चीफ इंजीनियर ही मीडिया से बात करेंगे। इसके अलावा अगर कोई भी कर्मचारी मीडिया से बात करता है तो उस कार्रवाई की जाएगी।
सदन में कहा कि अधिकारियों की आपसी राजनीति और अंदर की खबरें बाहर नहीं आनी चाहिए। ऐसा तभी होगा जब कुछ चुनिंदा अधिकारियों को ही मीडिया से बात करने का अधिकार दिया जाएगा। सदन ने डेढ़ घंटे तक मीडिया पर ही चर्चा की।
पूर्व मेयर अरुण सूद ने सदन में कहा कि नगर निगम की जमकर नकारात्मक खबरें छप रही हैं। उन्होंने कहा कि वह छह साल से पार्षद हैं लेकिन उन्होंने नगर निगम की छह खबरें भी ऐसी नही देखी है जो कि सकारात्मक हों। सूद ने सदन में यह प्रस्ताव रखा कि अतिरिक्त कमिश्नर और चीफ इंजीनियर से निचले स्तर के कर्मचारी मीडिया से बात न करें।
सूद ने सदन में यह भी कहा कि मीडिया कर्मी वही बात संबंधित अधिकारी एवं पार्षद से बात निकलवाते हैं, जैसी वे चाहते हैं। सूद ने कहा कि जेई स्तर के कर्मचारियों के भी बयान छप रहे हैं। सूद ने कहा कि आफिशियल और अन आफिशियल भी कोई बात न करे।