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Chandigarh News: मेयर और नगर आयुक्त ने रखा शहर के विकास का खाका, भाजपा पार्षद ने पेट्रोल चोरी का लगाया गंभीर आरोप

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चंडीगढ़। नगर निगम सदन में यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की मौजूदगी में मेयर और नगर आयुक्त ने शहर के विकास, निगम की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया। सदन में जहां एक ओर पूरे साल के कार्यों की उपलब्धियां गिनाई गईं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष और सत्तापक्ष के पार्षदों ने तीखे सवाल और आरोप भी लगाए। खास तौर पर भाजपा पार्षद सौरभ जोशी की ओर से नगर निगम की गाड़ियों के पेट्रोल-डीजल की चोरी का आरोप सदन में चर्चा का केंद्र रहा।
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सदन की शुरुआत में मेयर हरप्रीत कौर बबला ने निगम के कामकाज और आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब नगर निगम कर्मचारियों के वेतन के लिए संघर्ष करता था लेकिन अब वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार से मिली 125 करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट और राजस्व बढ़ाने के प्रयासों से निगम की वित्तीय हालत सुधरी है। मेयर ने बताया कि कूड़ा प्रबंधन में सुधार के तहत डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड का अधिकांश कचरा साफ किया जा चुका है।
मेयर ने निगम की आय बढ़ाने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यूनिपोल विज्ञापन से करीब 20 करोड़ रुपये, सार्वजनिक शौचालयों पर विज्ञापन से 32 करोड़ रुपये की आय हुई है। इसके अलावा 36 राउंडअबाउट अलॉट करने की योजना है। पानी और सीवर की जर्जर पाइपलाइन बदलने के लिए 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, मंथली पार्किंग पास योजना से 20 से 25 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा गया है।
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इसके बाद नगर आयुक्त अमित कुमार ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से सालभर के खर्च, आय में बढ़ोतरी और आने वाले समय की कार्ययोजना सदन के सामने रखी। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में करीब 50 करोड़ रुपये की बचत की गई है। आयुक्त ने कहा कि खर्च पर नियंत्रण, गैर-जरूरी मदों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग से निगम की स्थिति में सुधार हुआ है।
बदबू खत्म करने के लिए मशीनें लगीं, कभी ठीक से चली ही नहीं
डड्डूमाजरा डंपिंग जोन में दीवार और नाला निर्माण पर 3 करोड़ 83 लाख रुपये खर्च का एजेंडा पास किया गया लेकिन इस पर पूर्व मेयर कुलदीप कुमार ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि डंपिंग जोन के कारण वहां रहना दूभर हो चुका है। बदबू खत्म करने के लिए मशीनें लगीं, लेकिन कभी ठीक से चली ही नहीं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त से कहा कि वे उनके घर आकर स्थिति खुद देखें। पार्षदों ने मांग की कि वहां इंजीनियरों के लिए स्थायी कार्यालय बनाया जाए, तभी काम में सुधार होगा। इस पर नगर आयुक्त ने असंतोष भी जाहिर किया।
मनोज सोनकर लिखे भाषण में लड़खड़ाए
सदन में विभिन्न दलों के पार्षदों ने भी अपनी बात रखी। भाजपा से मनोज सोनकर लिखित भाषण पढ़ते समय लड़खड़ा गए और राज्यसभा व प्रशासक को लेकर शब्दों की गलती पर उन्हें असहज होकर माफी मांगनी पड़ी। कांग्रेस के सचिन गालव और आम आदमी पार्टी के योगेश ढींगरा ने शहर से जुड़े मुद्दे उठाए, जिनका प्रशासक ने एक-एक कर जवाब दिया।

शाम करीब पांच बजे के बाद सदन का माहौल गर्म हो गया, जब मेयर हरप्रीत कौर बबला और पार्षद प्रेमलता के बीच बोलने के क्रम को लेकर तीखी बहस हो गई। प्रेमलता ने पक्षपात का आरोप लगाया, जिस पर करीब पांच मिनट तक हंगामा चला।
खुले बाजार में 40 से 42 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा पेट्रोल-डीजल
इस बीच भाजपा पार्षद सौरभ जोशी ने नगर निगम की गाड़ियों के पेट्रोल-डीजल की चोरी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निगम के लिए जारी ईंधन खुले बाजार में 40 से 42 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने इसे संगठित भ्रष्टाचार बताते हुए उच्चस्तरीय जांच, लॉग बुक और फ्यूल स्लिप की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
इन एजेंडों पर लगी मुहर
सदन में 50 बेड के अस्पताल के लिए जमीन देने, मौलीजागरां की नर्सरी साइटों की ई-नीलामी और स्मार्ट सिटी कार्यालय को किराए पर देने जैसे एजेंडे भी पास किए गए।
नगर आयुक्त का कर्मचारियों ने किया धन्यवाद

मार्केटों में कार्यरत डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्टरों का एमओयू पास होने पर कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कलेक्टरों और यूनियन नेताओं ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए मेयर, नगर आयुक्त और पार्षदों का आभार जताया।
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