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Chandigarh News: मातृ-शिशु सेवाओं पर प्रशासक सख्त, औचक निरीक्षण में परखी व्यवस्थाएं

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चंडीगढ़। यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार शाम जीएमसीएच-32 का औचक निरीक्षण कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रसूताओं और नवजातों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मैटरनिटी सेवाओं और नवजात देखभाल ढांचे का विस्तार प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए।
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प्रशासक ने सबसे पहले नव-स्थापित इमरजेंसी एवं ट्रॉमा वार्ड का दौरा किया और मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत कर इलाज, दवाइयों और सुविधाओं की स्थिति जानी। इसके बाद उन्होंने गायनी इमरजेंसी, लेबर रूम, मैटरनिटी वार्ड और नवजात शिशु गहन देखभाल इकाई (एनआईसीयू) का निरीक्षण किया। उन्होंने मैटरनिटी वार्ड की क्षमता बढ़ाने और सेवाओं को अधिक सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया।
डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. जीपी थामी ने प्रशासक को बताया कि अस्पताल परिसर में अलग मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र (मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर) का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसके अगले चार से पांच महीनों में शुरू होने की संभावना है। इसके शुरू होने से मरीजों की भीड़ नियंत्रित होगी और मौजूदा मैटरनिटी वार्ड पर पड़ रहा दबाव कम होगा। प्रशासक ने मरीजों के परिजनों के लिए बनाए गए वेटिंग एरिया और अस्पताल परिसर में संचालित सराय का भी जायजा लिया, जहां नाममात्र शुल्क पर ठहरने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने इन सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
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मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने जीएमएसएच-16 के गायनी वार्ड में एक ही बेड पर दो-दो प्रसूताओं और नवजातों के भर्ती होने की खबर प्रकाशित की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासक ने निर्माणाधीन मदर एंड चाइल्ड विंग की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की और गायनी सेवाओं के साथ-साथ स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के विस्तार कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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