एक कमरे से शुरू किया कास्मेटिक का कारोबार आज विदेशों तक अपनी पहुंच बना चुका है। मैजिक आफ हर्ब्स के नाम से एक कास्मेटिक कंपनी की शुरुआत मात्र एक कमरे व दो कर्मचारियों से की गई, जिसमें आज 41 वर्कर हैं।
यह कारनामा कर दिखाया है महिला उद्यमी परवेश हांडा ने, जिन्होंने इसी फील्ड में पांच वर्ल्ड रिकार्ड और पांच नेशनल रिकार्ड भी बनाए हैं।
परवेश ने बताया कि इस कंपनी की शुरुआत मात्र पंद्रह हजार रुपये से की गई थी। एक कमरे में कुछ हर्बल कास्मेटिक उत्पादों का प्रोडक्शन शुरू किया। कास्मेटिक प्रोडक्ट अंबाला के साथ आसपास के इलाकों में दिए गए, जिसके बाद धीरे-धीरे इनकी डिमांड बढ़ती गई।
उन्होंने बताया कि इसके बाद कैंट की डिफेंस कालोनी में ही एक इंडस्ट्री स्थापित की और वहां पर कास्मेटिक का प्रोडक्शन शुरू किया। हांडा के अनुसार बीते सात वर्षों में उनके सामने कई चुनौतियां पेश आईं, जिनका उन्होंने सफलतापूर्वक सामना किया। वर्करों व परिजनों के साथ मिलकर सभी परेशानियों पर विजय पा ली। आज इस कंपनी के प्रोडक्ट रूस, स्पेन, नेपाल में भी जा रहे हैं।
इसी फील्ड में रहते हुए बतौर सौंदर्य विशेषज्ञ सबसे ज्यादा किताबें लिखने का रिकार्ड भी उनके नाम है। उनके नाम पांच विश्व रिकार्ड, पांच नेशनल रिकार्ड हैं।
राष्ट्रपति की ओर से भी उनको सर्वश्रेष्ठ उद्यमी के तौर पर सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यदि इच्छा शक्ति हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।