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Punjab: अमृतसर में अनोखी शादी, श्मशानघाट में गूंजी शहनाई, पूरी हुई हर रस्म और फिर वहीं से उठी डोली

Wed, 08 Feb 2023 12:04 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

दादी प्रकाश कौर को पूजा की शादी की चिंता थी। परिवार गरीब होने के कारण बेटी की शादी के लिए पैलेस बुक नहीं करवा सकता था। इलाका निवासियों ने बरात के खाने, शगुन, परिवार के लिए जरूरत की सामग्री आदि की मदद के साथ बेटी की शादी की और यहीं से डोली को पूरे सम्मान के साथ विदा किया गया।
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अमृतसर में श्मशान घाट में हुई शादी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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अमृतसर के मोहकमपुरा इलाके में एक श्मशान घाट में बरात आई। श्मशान घाट में ही विवाह की रस्में पूरी की गईं और लड़की पूजा की डोली की विदाई भी वहीं से की गई। यह पहली घटना है कि किसी श्मशान से डोली उठी हो। नव दंपती ने अपने नए जीवन की शुरुआत मोहकमपुरा के बिल्ला वाला चौक स्थित श्मशान घाट से की है। 
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लड़की का परिवार गरीब है और श्मशान घाट में ही रहता है। लड़की पूजा अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। दादा की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है। अब दादी और पोती ही श्मशान घाट में बने छोटे से पुराने घर के कमरे में रह रही हैं। दादी प्रकाश कौर को पूजा की शादी की चिंता थी। परिवार गरीब होने के कारण बेटी की शादी के लिए पैलेस बुक नहीं करवा सकता था। इलाका निवासियों ने बरात के खाने, शगुन, परिवार के लिए जरूरत की सामग्री आदि की मदद के साथ बेटी की शादी की और यहीं से डोली को पूरे सम्मान के साथ विदा किया गया।



इलाके के निवासियों अशोक कुमार, मनदीप सिंह और राजेश कुमार ने बताया कि जोड़ा फाटक से बिल्ला वाला चौक के पास श्मशान घाट में यह शादी करवाई गई है। यही पर ही दादी और उसकी एक पोती लंबे समय से रह रहे थे। दादी की उम्र भी काफी अधिक है। इलाका निवासियों ने बेटी के लिए एक लड़का ढूंढा और शादी करवा दी। लड़के के परिवार ने भी श्मशान में रहने वाले परिवार की लड़की के साथ शादी करने पर कोई एतराज नहीं जताया। जिस के चलते लोगों के सहयोग से सारी विवाह की रस्मों को पूरा करके डोली श्मशान घाट से विदा की गई। बरात के लिए खान पान की भी वहीं पर हलवाई लगा कर व्यवस्था की गई थी। इलाका निवासियों ने कहा कि श्मशान से पवित्र कोई जगह नहीं है। एक न एक दिन हर एक को यहां आना पड़ता है।
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