इंसान व जानवरों की तरह पेड़ों में कैंसर नहीं होता, क्योंकि पेड़ों की कोशिकाएं घूम नहीं पातीं लेकिन कई पेड़ों पर अब ट्यूमर देखा जा रहा है। ट्यूमर एग्रोबैक्टीरियम टूमफसिएंस जीवाणु के जरिए होता है। इसका टी प्लास्मिड पेड़ को संक्रमित करता है। यह अपने डीएनए के एक भाग को एकीकृत करके पेड़ की कोशिकाओं के डीएनए में जा मिलता है, जो जीन को भी प्रभावित करता है। इस ट्यूमर का आकार अंडाकार, गांठनुमा, लड्डू की तरह होता है, जो पेड़ों की जड़ों व तने पर होता है।
जड़ों व तनों पर होने वाले बड़े ट्यूमर पेड़ के आसपास की कोशिकाओं को अवरुद्ध करते हैं। इससे जड़ों के जरिए पेड़ के ऊपरी हिस्सों को मिलने वाला पानी व पोषक तत्व कम पहुंचते हैं। ट्यूमर जितना पुराना होगा वह उतना ही नुकसान करेगा। हालांकि यह पेड़ को अचानक नहीं मारता। कुछ ट्यूमर पेड़ खुद अपनी सुरक्षा के लिए भी बनाते हैं और कुछ अन्य बीमारियों के कारण बन जाते हैं। जीवाणुओं से बनने वाला ट्यूमर क्राउन पित्त रोग का कारण भी बनता है।
मरोड़फली के पेड़ पर सर्वाधिक ट्यूमर
पीयू के गेट नंबर दो से लेकर पीजीआई चौक होते हुए नया गांव बैरियर तक सैकड़ों फ्रेंनडोआ अडेनोफिला (मरोड़फली) के पेड़ लगे हैं। इनमें कई 20 साल पुराने भी हैं। इसी प्रजाति के पौधे सेक्टर 15, 16 आदि जगहों पर भी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इन पेड़ों की जड़ों व तनों पर ट्यूमर बन गया है। पेड़ की शाखाएं जहां से शुरू होती हैं, वहां भी यह बन रहा है। बताया जाता है कि इन क्षेत्रों में 400 से अधिक पेड़ हैं, जिनमें से हर पांचवें-छठे पेड़ पर ट्यूमर है। कुछ ट्यूमर सामान्य दिखे हैं तो कुछ जीवाणु वाले। इसी तरह अन्य पेड़ों पर भी ट्यूमर हैं। वह किसी प्रकार के हैं यह जांच का विषय है।
- पेड़ का विकास प्रभावित होता है
- पेड़ के ऊपरी हिस्से तक समुचित पानी व पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते
- पेड़ अपनी क्षमता से कम ऑक्सीजन छोड़ता है
- ट्यूमर के अधिक दिनों तक बने रहने से पेड़ की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं
ये है इलाज
- पेड़ लगाते समय ध्यान रखें कि उसके तने को कहीं चोट तो नहीं लगी
- जैसे ही पेड़ पर बड़ा ट्यूमर दिखाई दे तो उसे हटा दें
- भौतिक व रासायनिक तरीकों से भी उसका इलाज संभव है
- किसी पेड़ पर ट्यूमर है तो विशेषज्ञ को दिखाएं
- पेड़ की छाल को न हटाएं।
ट्यूमर कई प्रकार का होता है लेकिन जीवाणु वाले ट्यूमर पेड़ के विकास को प्रभावित करते हैं। मरोड़फली के पेड़ों पर यह ज्यादा देखा गया है। पेड़ के लिए यह कितना नुकसानदेह है, इस पर काम किया जा रहा है।
- प्रो. एमसी सिद्धू, वनस्पति विज्ञान विभाग, पीयू
बैक्टीरिया व वायरस वाला ट्यूमर पेड़ को नुकसान पहुंचाता है। इसका यही हल है कि ट्यूमर को पेड़ से हटा दें। साथ ही रासायनिक साधनों से पेड़ का उपचार करें।
-प्रो. एएस अहलूवालिया, प्रो वाइस चांसलर, इटरनल विश्वविद्यालय, बारु साहिब, हिमाचल प्रदेश
ट्यूमर तीन प्रकार का होता है। दो प्रकार के ट्यूमर पेड़ को नुकसान नहीं पहुंचाते लेकिन जीवाणु वाला ट्यूमर पेड़ का विकास प्रभावित करता है। सबसे पहले ट्यूमर की पहचान जरूरी है कि वह किस कारण बना है, उसके बाद उसका इलाज किया जाए।
- डॉ. आईबी पराशर, पूर्व वरिष्ठ प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान विभाग, पीयू