नया साल नई उम्मीदें लेकर आया है। इस साल चंडीगढ़ को कई नई सौगातें मिलने वाली हैं। कई प्रोजेक्ट साल 2021 में पूरे हो जाएंगे। इस साल खेलों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्वास्थ्य से संबंधित कई सारे सेंटर बनकर तैयार हो जाएंगे। प्रशासन ने भी दावा किया है कि जो प्रोजेक्ट धीमी गति से चल रहे हैं, उन्हें साल के पहले छह महीने में पूरा कर दिया जाएगा। एक नजर डालते हैं शहर के उन प्रोजेक्ट पर जो इस साल पूरे हो जाएंगे।
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अफसरों को मिलेगा नया दफ्तर
इस साल जून तक नया यूटी सचिवालय और हाउसिंग बोर्ड की इमारत बन कर तैयार हो जाएगी। दोनों इमारतों का ढांचा निर्माण कार्य 90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। अब सिर्फ इमारत के आसपास के इलाके को विकसित करने का काम चल रहा है। कोरोना के चलते इन इमारतों के निर्माण में छह महीने का समय और लगेगा। यह दोनों ग्रीन इमारत हैं, जिनमें ऊर्जा की बचत के साथ ही कई तरह की विशेषताएं होंगी। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर-9 स्थित परिसर में सात मंजिला इमारत तैयार की जा रही है। नई बिल्डिंग के बाद सीएचबी के दोनों ए और सी ब्लॉक इसी इमारत में शिफ्ट हो जाएंगे।
जीएमसीएच-32 को मिलेगा नया इमरजेंसी कम ट्रॉमा सेंटर
2021 में जीएमसीएच-32 को नई इमरजेंसी कम ट्रॉमा सेंटर मिल जाएगा। प्रशासन ने इसके निर्माण कार्य का काम सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंप दिया है। इसी महीने काम शुरू हो जाएगा। जीएमसीएच-32 में बनने वाली 280 बेड के इस नए इमरजेंसी कम ट्रॉमा सेंटर में पांच नार्मल और एक माइनर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसमें आईसीयू के 24 बेड भी होंगे। 64 बेड का एक वार्ड ठीक हो रहे मरीजों के लिए होगा। इसके अलावा दो आइसोलेशन वार्ड होंगे, जिनकी कुल क्षमता 33 बेड की होगी। मरीज के साथ आने वालों के लिए भी दो मंजिलों पर जगह होगी, जिसकी क्षमता 400 मरीजों की होगी।
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शहर को मिलेगा एक और अंडरपास
2021 में शहर को एक और अंडरपास मिल जाएगा। यह अंडरपास पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच बनेगा। इसका काम मार्च तक शुरू होने की उम्मीद है क्योंकि प्रशासन के आर्किटेक्ट विभाग ने परियोजना के लिए नक्शा तैयार कर लिया है। इस नक्शे को इंजीनियरिंग विभाग को सौंप दिया गया है। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी और कंपनी तय कर उसे काम सौंप दिया जाएगा।
सड़क पर दौड़ती दिखेंगी इलेक्ट्रिक बसें
प्रशासन के परिवहन विभाग ने 40 इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर जारी कर दिया है। प्रशासन इन बसों को शहर में किलोमीटर के अनुसार चलवाएगा। इन बसों के लिए केंद्र सरकार चंडीगढ़ को सब्सिडी भी देगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सितंबर में चंडीगढ़ को 80 इलेक्ट्रिक बसें देने की घोषणा की थी। फेम इंडिया स्कीम फेस-दो के तहत चंडीगढ़ को यह बसें मिली हैं।
आईटी पार्क में आएगी नई आवासीय योजना
वर्ष 2021 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड आईटी पार्क में नई आवासीय योजना लेकर आएगा। 17 एकड़ की भूमि पर दो बेडरूम के 252, तीन बेडरूम के 448 और चार बेडरूम के 28 फ्लैट्स शामिल होंगे, जबकि एक बीएचके फ्लैट्स का निर्माण नहीं किया जाएगा। इस योजना के फ्लैट सात मंजिला भवन में होंगे। आईटी पार्क में आने वाली यह योजना काफी महंगी भी होगी। यहां फोर बीएचके के एक फ्लैट की कीमत 2.75 करोड़ रुपये के करीब होगी, जबकि थ्री बीएचके का प्लैट करीब 1.90 करोड़ रुपये और टू बीएचके का फ्लैट करीब 1.30 करोड़ रुपये में पड़ेगा।
सिटी बसों के लिए नहीं करना पड़ेगा घंटों इंतजार
प्रशासन का दावा है कि फरवरी से शहर के सभी बसों को मोबाइल पर ओला-ऊबर की तरह मोबाइल पर ट्रैक किया जा सकेगा। इसके लिए ट्राइसिटी बस एप जारी किया गया है। इस एप की सहायता से लोग बसों का समय, किराया, स्थान और रुट का पता लगा सकते हैं। इससे लोगों को घंटों बस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि एप के माध्यम से उन्हें जानकारी मिलती रहेगी कि कौन सी बस कब आएगी।
जीएमएसएच-16 में बनेगी कैथ लैब व मदर चाइल्ड केयर यूनिट
नए साल में मरीजों को जीएमएसएच-16 में 25 बेड की कैथ लैब की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग इसका संचालन पीपीपी मॉडल पर करेगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इससे हृदय के मरीजों को नई सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही 300 बेड के मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट की भी स्थापना की जाएगी। छह करोड़ की लागत से बनने वाली इस यूनिट को बनाने के लिए अस्पताल में जगह चिह्नित कर ली गई है।
ओपीडी की क्यू मैनेजमेंट सर्विस शुरू होगी
पीजीआई की ओपीडी सेवा में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए वहां क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करना था। इसके लिए 2019 जुलाई में ही मंजूरी मिल चुकी है। इस सुविधा को शुरू करने का मुख्य उद्देश ओपीडी में आने वाले हजारों मरीजों के समय की बचत करने के साथ ही उन्हें कम समय में बेहतर इलाज उपलब्ध कराना था। इसके लिए मोबाइल एप लांच करने के साथ ही ओपीडी एरिया में 20 टिकट वेंडिंग मशीन लगाए जाने थे। उम्मीद है कि इस साल मरीजों को सुविधा का लाभ मिलने लगेगा।
पीयू को मिलेगा गर्ल्स हॉस्टल
पीयू में छात्रावासों की संख्या 20 है। नया छात्रावास पिछले साल से बनना शुरू हुआ था जो इस साल पूरा होगा। इस छात्रावास में लगभग 300 छात्राओं के रहने का इंतजाम होगा। इसका काम अंतिम चरण में है। पांच करोड़ से अधिक रकम इस पर खर्च हो रही है।
चंडीगढ़ का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम तैयार होगा
पीयू के साउथ कैंपस सेक्टर-25 में चंडीगढ़ का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है। इसका कार्य अंतिम चरण में है। तीन हजार से अधिक लोगों के यहां बैठने की व्यवस्था है। कुछ ही माह में यह तैयार हो जाएगा।
पीयू को दो बायोगैस प्लांट मिलेंगे
पीयू को दो बायोगैस प्लांट और मिलेंगे। यह साउथ कैंपस सेक्टर 25 में स्थापित करने की योजना है। दोनों प्लांट पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च होंगे। इस प्लांट के जरिये गैस बनाई जाएगी। छात्रावासों से निकलने वाले हरे कचरे का यहां निस्तार होगा।
50 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद
रूसा के तहत पंजाब विश्वविद्यालय ने रिसर्च के लिए केंद्र सरकार से 50 करोड़ रुपये मांगे थे। पिछले साल में इसको मंजूरी मिल गई थी लेकिन रकम नहीं मिल पाई। इस साल यह रकम मिलने की उम्मीद है। इसके जरिये पीयू 110 रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम करेगी। इंक्यूबेसन सेंटर भी इसी के तहत बनाया जाएगा।
चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती होने का युवाओं का अक्सर सपना रहता है। साल दर साल कई पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त भी होते है। जिस वजह से चंडीगढ़ पुलिस में सैकड़ों की संख्या में सीटें खाली बताई गई गई। वर्ष 2020 में पुलिस भर्ती प्रक्रिया से संबंधित विभाग विचार विमर्श कर रहा था। ऐसे में वर्ष 2021 में यूटी पुलिस में 450 सिपाहियों समेत 30 एएसआई के भर्ती प्रक्रिया की औपचारिकताएं हो सकती है। बताया गया कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जरूरी जानकारियां चंडीगढ़ पुलिस के वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी।
मिलेंगी खेल सुविधाएं
नए साल में यूटी खेल विभाग में हॉकी को बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्टर मिलने जा रहा है। सेक्टर 42 स्थित हॉकी स्टेडियम को एक्सीलेंस सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए खेल से संबंधित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। खेलो इंडिया की ओर से यहां पर बेहरीन कोचों को भी लगाया जाएगा। जिनकी नजर में खिलाड़ी अभ्यास करेंगे।
दूसरी तरफ स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की ओर से जीरकपुर के गांव नाभा में नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा एंटी डोपिंग और रीजनल ट्रेनिंग सेंटर का बनाया जा रहा है। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक बनकर तैयार हो चुका है। इस साल में यहां पर हर खेल के बड़े मैदान, ट्रेनिंग, सेंटर, इंफ्रस्ट्रक्चर, क्वालीफाइंग ए लेवल के कोच, बेहतरीन खेलने की सुविधाएं व उपकरण के साथ खिलाड़ियों के रहने के हॉस्टल भी बनाए जा रहे हैं।