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नई नाव पर सवार पुराने सियासी सूरमा: पंजाब में कई नेताओं के दल ही नहीं, चुनावी अखाड़े भी बदल गए

Tue, 16 Apr 2024 04:08 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल/राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, जालंधर/चंडीगढ़

सार

पंजाब में 2024 का लोकसभा चुनाव 2019 से कई मायनों में अलग है। इस बार टक्कर आमने-सामने की नहीं, मुकाबला चौकोना है। कई संसदीय क्षेत्रों में चेहरे बदल गए हैं। जो चेहरे पुराने हैं, उन्होंने झंडा बदल लिया है। 
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परनीत कौर, सुशील रिंकू, धर्मवीर गांधी - फोटो : Twitter
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विस्तार
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पंजाब में इस बार कई सियासी सूरमा नई नाव पर सवार हैं। कई नेताओं के दल बदल गए हैं, तो कई दूसरे चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं। 
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पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए सूबे में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने नौ, भाजपा  ने छह, शिरोमणि अकाली दल ने सात और कांग्रेस ने छह सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। इनमें ज्यादातर नए सियासी रथ पर सवार है। हालांकि, सूबे के चारों प्रमुख दलों ने अभी सभी सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतारे हैं, लेकिन जितने टिकट अभी बंटे हैं, उससे पंजाब में इस बार मुकाबला बेहद रोचक होने के आसार हैं। 

फिर आमने सामने आए धर्मवीर गांधी और परनीत कौर 
पटियाला से कांग्रेस ने धर्मवीर गांधी को टिकट दिया है। यह वही धर्मवीर गांधी हैं, जिहोंने 2014 में आप की तरफ से चुनाव लड़कर कांग्रेस की परनीत कौर को हराया था। गांधी अब कांग्रेस के उम्मीदवार हैं और परनीत कौर भाजपा की। 
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कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जालंधर सीट से उम्मीदवार घोषित किया है। जालंधर से पिछले साल लोकसभा उपचुनाव में सुशील रिंकू ने कांग्रेस को छोड़कर आप टिकट पर जीत हासिल की। इस बार रिंकू ने आप की ओर से प्रत्याशी बनाने के बाद पाला बदला। वह अब भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। साल 2022 में अकाली दल के प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले पवन कुमार टीनू ने आप में एंट्री कर ली है।  2014 में टीनू ने अकाली दल की टिकट पर जालंधर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। 

भाजपा ने लुधियाना में कांग्रेस से आए रवनीत सिंह बिट्टू और पटियाला से परनीत कौर को मैदान में उतारा है। कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में भाजपा को चुनौती देने वाले ये दोनों नेता इस बार कांग्रेस को ललकार रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब से आप ने गुरप्रीत जीपी को टिकट दिया है। होशियारपुर सीट से राजकुमार चब्बेवाल को उतारा गया है। साल 2002 में उन्होंने विधानसभा चुनाव कांग्रेस की टिकट पर लड़ा था। इस बार दोनों झाड़ू के निशान पर उतरने जा रहे हैं। 

भुलत्थ के विधायक सुखपाल खैरा ने पिछला चुनाव पंजाब एकता पार्टी के बैनर तले बठिंडा से लड़ा था, लेकिन अब वह संगरूर से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। बठिंडा से कांग्रेस की टिकट पर जीत मोहिंदर सिद्धू लड़ रहे हैं, जो अकाली दल के निशान पर लगातार चुनाव लड़ते रहे हैं। इस बार उनका मुकाबला अकाली दल की हरसिमरत कौर से होने की संभावना है। 

शिअद ने आनंदपुर साहिब से प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को टिकट दी है। चंदूमाजरा पहले भी इस सीट पर चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस बार उनके सामने आप के मुख्य प्रवक्ता मालविंदर कंग हैं। कंग इससे पहले पंजाब विश्वविद्यालय में स्टूडेंट काउंसिल के अध्यक्ष रह चुके हैं। इस सीट से चंदूमाजरा ने वर्ष 2019 में चुनाव लड़ा था, लेकिन वह कांग्रेस उम्मीदवार मनीष तिवारी से 46884 मतों से हार गए थे। 

यह भी पहली बार होंगे आमने-सामने
पंजाब की कई लोकसभा सीटों पर अब तक घोषित प्रत्याशियों में से कई ऐसे चेहरे हैं जो पहली बार चुनाव में आमने-सामने होंगे। संगरूर से खेल मंत्री और आप प्रत्याशी गुरमीत सिंह मीत हेयर के सामने कांग्रेस ने विधायक सुखपाल सिंह खैरा को उतारा है। शिअद ने इस सीट पर इकबाल सिंह झूंडा को उम्मीदवार बनाया है। जालंधर सीट पर मौजूदा सांसद भाजपा के सुशील रिंकू को कांग्रेस की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी चुनौती देंगे। 

हंस राज हंस व सुखपाल खैरा का बदल गया मैदान
इस बार चुनाव में कई ऐसे नेता भी उतर रहे हैं, जिनका लोकसभा क्षेत्र बदल गया है। गायक हंस राज हंस फिलहाल उत्तर पश्चिम दिल्ली सीट से लोकसभा सांसद थे, लेकिन इस बार भाजपा ने उनको फरीदकोट सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। यहां उन्हें चुनौती भी एक कलाकार ही दे रहे हैं। आप ने इस सीट पर पंजाबी फिल्म अभिनेता कर्मजीत अनमोल को उतारा है। हंस राज हंस ने वर्ष 2009 लोकसभा चुनाव शिअद से जालंधर सीट पर लड़ा था, जिसमें उन्हें मोहिंदर सिंह के हाथों हार झेलनी पड़ी थी।
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पंजाब लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम
तेरह लोकसभा सीटों वाले पंजाब में 2019 के चुनाव में कांग्रेस को आठ सीटें मिलीं थीं। अकाली-भाजपा गंठबंधन को चार और आप को एक सीट मिली थी। वर्ष 2014 में अपने पहले लोकसभा चुनाव में 25 फीसदी वोट शेयर के साथ चार सीटें जीतने वाली आप इस बार बुरी तरह फिसल गई थी। पार्टी का वोट शेयर भी 7.36 फीसदी गिर गया था। 
 
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