केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर एक साल से अधिक धरना लगाने और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने पर मजबूर करने के बाद किसानों ने पंजाब की सियासत में एंट्री की। किसान अंदोलन में कई प्रमुख चेहरे सामने उभरे। इनमें सबसे प्रमुख चेहरा था किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल का।
किसानों ने पंजाब में चुनाव लड़ने के लिए संयुक्त समाज मोर्चा नाम से राजनीतिक पार्टी का एलान किया। इसके लिए पहले 10 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। इसके बाद सोमवार को 30 प्रत्याशियों की सूची जारी की। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को समराला से बतौर उम्मीदवार उतारा गया। अब समराला सीट पर सबकी निगाहें टिकीं हैं, क्योंकि यह सबसे हॉट सीट बन गई है।
सब राजनीतिक लोगों की नजर समराला विधानसभा सीट पर रहेगी। किसान नेता राजेवाल की एंट्री के साथ अब समराला विधानसभा हल्के के सियासी समीकरण बदल लगे हैं। इसके साथ बाकी दलों के नेताओं की परेशानी बढ़ गई है। सियासी माहिरों के अनुसार राजेवाल समराला के साथ-साथ आसपास के कई विधानसभा क्षेत्र में अपना असर दिखाएंगे।
एक लाख 67 हजार वोट वाले विधानसभा समराला में मौजूदा समय में कांग्रेस के अमरीक सिंह ढिल्लो विधायक हैं। 1997 से वह अब तक चार बार विधायक रह चुके है। अब वह अपने पोते के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं।
सियासी तौर पर समराला को ज्यादा अहमियत नहीं मिली है। इस बार किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल के चुनाव लड़ने के एलान के बाद समराला सियासी तौर पर अब पंजाब की हॉट सीट बन गई है। राजेवाल पिछले कुछ दिनों से लगातार मीटिंग कर रहे है।
बाकी राजनीतिक दलों की बात करें तो कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आप तीनो की राजेवाल की एंट्री के बाद परेशानी बढ़ गई है। इन तीनों पार्टियों की समराला में अब राह आसान नहीं है। कांग्रेस ने अभी तक इस हल्के से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
अकाली दल की तरफ से परमजीत सिंह ढिल्लो और आप से जगतार सिंह दयालपुर चुनाव मैदान में हैं। इसके साथ संयुक्त समाज मोर्चा के किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को विधानसभा हल्का समराला से उम्मीदवार बनाया है। राजेवाल संयुक्त समाज मोर्चा के मुख्यमंत्री चेहरा भी हैं। यही कारण है कि अब समराला राज्य की हॉट सीट बन गई है।