पंजाब में आम आदमी पार्टी को सत्ता संभाले हुए छह माह से अधिक का समय हो चुका है। इस दौरान अफसरशाही के साथ घटने वाली घटनाओं ने तमाम ब्यूरोक्रेट्स के चेहरे पर शिकन पैदा कर दी है। हाल ही में 72 घंटे में तीन बड़ी घटनाओं से अधिकारियों में खलबली मची हुई है। जालंधर में डीसीपी नरेश डोगरा की पिटाई हो या फरीदकोट की डिप्टी कमिश्नर रूही दुग्ग के साथ विधायक की पत्नी के दुर्व्यवहार और शनिवार को कपूरथला में थानेदार जतिंदर सिंह बीच बाजार अपमानित करने की घटनाओं ने अफसरशाही में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। अब आम आदमी पार्टी में मंथन शुरू हो चुका है कि अफसरशाही व विधायकों के बीच तालमेल को अच्छा कैसे बनाया जाए?
आप के प्रवक्ता मालविंदर सिंह कंग का कहना है कि सीएम भगवंत मान लगातार प्रयास कर रहे हैं कि विधायकों व पार्टी नेताओं का अधिकारियों के प्रति व्यवहार अच्छा हो। क्योंकि एक विधायक के व्यवहार को जनता देखती है और उस पर चर्चा भी होती है। कुछ शिकायतें आई थीं, जिसको लेकर सीएम भगवंत मान ने पिछले दिनों विधायकों की बैठक बुलाकर इस पर अपनी राय दी है और तमाम विधायकों को समझाया भी है। कुछ मामलों में तो था कुछ भी नहीं, लेकिन विरोधी पक्ष ने हवा देकर खूब उछाला। बेवजह तूल देकर राजनीति की गई। आप सरकार जनता के साथ वादे कर सत्ता में आई है और भ्रष्टाचार को खत्म करना हमारी प्राथमिकता है, जिस तरफ तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसमें अधिकारियों का सहयोग जरूरी है।
आप की स्टेट सचिव राजविंदर कौर थियाड़ा का कहना है कि सत्ता का बदलाव हुआ है, पहली बार नई पार्टी पंजाब में सत्तासीन हुई है। कुछ तालमेल का अभाव होता है, जिसको पूरा किया जाएगा। विधायकों को भी सीएम भगवंत मान समझा रहे हैं। कामकाज का तौर तरीका हरेक सरकार का अपना होता है। लेकिन इतना साफ है कि आप सरकार करप्शन पर चोट कर रही है। ईमानदार अधिकारियों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। अधिकारियों, वर्करों और विधायकों में तालमेल आगे अच्छा मिलेगा, जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
1. एसएसपी होशियारपुर निंबले को अप्रैल माह में बदल दिया गया। उन्होंने माइनिंग माफिया से जुड़े गुंडा टैक्स का रैकेट पकड़ा था और 1.53 करोड़ बरामद किए थे। भगवंत मान सरकार ने उन्हें होशियारपुर से बदलकर मुक्तसर में लगाया, जिसके बाद परगट सिंह सहित अन्य कई विरोधियों ने आप सरकार पर सवाल उठाकर कटघरे में खड़ा किया।