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पंजीकृत श्रमिकों पर सरकार मेहरबान, दिव्यांग पेंशन की 3 हजार

Fri, 28 Apr 2017 09:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम मनोहर लाल - फोटो : file photo
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हरियाणा सरकार ने प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों को कई तोहफे दिए हैं।  पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्राकृतिक मृत्यु पर अब सहायता राशि एक लाख के बजाय 2 लाख रुपये दी जाएगी। दुर्घटना में मृत्यु होने पर पंजीकृत श्रमिक को 5 लाख रुपये तथा गैर पंजीकृत श्रमिक को 2.5 लाख रुपये बतौर सहायता राशि के मिलेंगे। कार्य के दौरान किसी दुर्घटना में श्रमिकों को अपंगता के आधार पर दी जाने वाली 1 से 2 लाख रुपये की सहायता राशि अब बढ़ाकर 1.5 से 3 लाख रुपये कर दी गई है।
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श्रमिकों को पहले से दी जा रही दिव्यांग पेंशन को 10 गुणा बढ़ाया गया है। ये 300 रुपये की जगह अब 3000 रुपये प्रति माह मिलेगी। साठ फीसदी से अधिक दिव्यांग होने पर इसका लाभ मिलेगा। इससे कम दिव्यांग के लिए सरकार पेंशन राशि निर्धारित करने में लगी हुई है। 

पंजीकृत मजदूरों को सभी सुविधाएं आसानी से मुहैया कराने के लिए स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे। श्रमिकों के बच्चों की आईआईटी, मेडिकल, कानूनी पढ़ाई व अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का पूरा खर्च श्रम विभाग वहन करेगी। विभाग ने मेडिकल पढ़ाई के लिए मेडिकल कॉलेजों में सौ में से 35 सीटें आरक्षित करवाई हैं।
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बेटी की शादी से तीन दिन पहले मिलेगा शगुन

सीएम खट्टर - फोटो : file photo
इसके अलावा 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों को फर्स्ट डिविजन हासिल करने पर 3 से 12 हजार रुपये की सहायता राशि दे रहे हैं। बीते वर्ष 9.56 करोड़ रुपये सहायता राशि वितरित की गई। विभाग में अभी तक निर्माण क्षेत्र के 5 लाख श्रमिक पंजीकृत होने के साथ ही आधार लिंक भी हैं, इन्हें धार्मिक यात्राओं के लिए 10 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

श्रमिकों को ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की गई है, इसके तहत अभी तक करीब 11500 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है। वैसे हरियाणा में कुल श्रमिकों की संख्या लगभग साढ़े 15 लाख है। बोर्ड में खाली पड़े साढ़े तीन सौ पदों को जल्दी भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

हरियाणा में पंजीकृत श्रमिकों को बेटी की शादी पर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना 51 हजार रुपये का शगुन विवाह के तीन दिन पहले मिल जाएगा। अब शादी के छह महीने बाद तक शगुन राशि के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे। शादी के एक महीने के भीतर प्रमाण पत्र जमा कराना होगा। 

 
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