हरियाणा सरकार ने प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकों को कई तोहफे दिए हैं। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्राकृतिक मृत्यु पर अब सहायता राशि एक लाख के बजाय 2 लाख रुपये दी जाएगी। दुर्घटना में मृत्यु होने पर पंजीकृत श्रमिक को 5 लाख रुपये तथा गैर पंजीकृत श्रमिक को 2.5 लाख रुपये बतौर सहायता राशि के मिलेंगे। कार्य के दौरान किसी दुर्घटना में श्रमिकों को अपंगता के आधार पर दी जाने वाली 1 से 2 लाख रुपये की सहायता राशि अब बढ़ाकर 1.5 से 3 लाख रुपये कर दी गई है।
श्रमिकों को पहले से दी जा रही दिव्यांग पेंशन को 10 गुणा बढ़ाया गया है। ये 300 रुपये की जगह अब 3000 रुपये प्रति माह मिलेगी। साठ फीसदी से अधिक दिव्यांग होने पर इसका लाभ मिलेगा। इससे कम दिव्यांग के लिए सरकार पेंशन राशि निर्धारित करने में लगी हुई है।
पंजीकृत मजदूरों को सभी सुविधाएं आसानी से मुहैया कराने के लिए स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे। श्रमिकों के बच्चों की आईआईटी, मेडिकल, कानूनी पढ़ाई व अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का पूरा खर्च श्रम विभाग वहन करेगी। विभाग ने मेडिकल पढ़ाई के लिए मेडिकल कॉलेजों में सौ में से 35 सीटें आरक्षित करवाई हैं।