कांग्रेस हाईकमान ने नरेश पुरी को सुजानपुर विधानसभा से चुनाव मैदान में उतारा है। जिसको लेकर कांग्रेस के मौजूदा दावेदारों ने विद्रोह का रास्ता अपनाया है। दावेदार नेताओं के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकालनी शुरू कर दी है। वहीं, 2012 और 2017 में टिकट न मिलने पर नरेश पुरी के पुराने बयानों को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। जिसमें कांग्रेस की आलोचना की जा रही है।
वहीं, 2017 में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अमित मंटू द्वारा बगावत कर आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है। अन्य दावेदारों में पंजाब ट्रेडर्स बोर्ड के चेयरमैन पुनीत सैनी पिंटा, पंजाब की सबसे युवा सरपंच पल्लवी ठाकुर, पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री के बेटे एडवोकेट आशीष कुमार, विनय महाजन, साहिब सिंह साबा समेत कुल 22 दावेदारों में नाराजगी है। बता दें कि नरेश पुरी के पिता रघुनाथ सहाय पुरी ने सुजानपुर से पांच बार चुनाव लड़ा। उन्होंने तीन बार जीत हासिल की।
सुजानपुर में 2007 से अब तक भाजपा का दबदबा
विधानसभा हलका सुजानपुर की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो 2007 से लेकर अब तक इस पर भाजपा का दबदबा रहा है। 2007 में बीजेपी के दिनेश सिंह बब्बू ने कांग्रेस के रघुनाथ सहाय पुरी को मात्र 328 वोटों से हराया था। 2012 में बीजेपी के दिनेश सिंह बब्बू ने आजाद उम्मीदवार नरेश पुरी को 23096 वोटों से हराया। वहीं अगर 2017 की बात करें तो दिनेश सिंह बब्बू ने कांग्रेस के अमित सिंह को 18,701 वोटों से हराया।
बता दें कि 2012 और 2017 में पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुनाथ सहाय पुरी के बेटे नरेश पुरी कांग्रेस से टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा। इसी दौरान एक ऑडियो वायरल हुआ। जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पैसे लेकर टिकट देती है। हालांकि, नरेश पुरी ने इस ऑडियो को नकली बताया लेकिन, उन्होंने बतौर निर्दलीय जब चुनाव लड़ा तो जनसभाओं में कांग्रेस, राहुल गांधी और प्रताप सिंह बाजवा को लेकर कई तंज कसे। जिसके कई वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।