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Air Quality: दिवाली के बाद हरियाणा के पांच शहरों की हवा बेहद खराब, त्योहार की आड़ में किसानों ने भी किया 'काम'

Tue, 25 Oct 2022 09:12 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में पराली जलाने का औसतन आंकड़ा मंगलवार को लगभग 200 तक पहुंच गया। बीते सप्ताह यही आंकड़ा 30 से 50 तक था। ग्राम स्तर पर निगरानी और नोडल अधिकारी तैनात करने के बावजूद त्योहार के कारण किसान अपना काम कर गए। जिलों में ग्रीन की जगह प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे खुलेआम बेचे और चलाए गए।
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यह फोटो पंचकूला सेक्टर-21 की है। 11 अक्तूबर को खींची गई तस्वीर में शिवालिक की पहाड़ियां साफ दिख रही - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पाबंदी के बावजूद हरियाणा में जमकर पटाखे चलाए गए। ग्रीन पटाखों को लोगों ने कम तवज्जो दी। त्योहार की आड़ में 200 से अधिक स्थानों पर पराली जलाई गई, जिससे प्रदेश की हवा में प्रदूषण घुला। दिवाली के बाद प्रदेश के पांच शहरों की हवा बेहद खराब हो गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार पहुंचने की वजह से एक भी शहर की स्थिति संतोषजनक नहीं है। 

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वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सबसे अधिक गुरुग्राम में 371 और फरीदाबाद में 354 दर्ज किया गया। पंचकूला, पानीपत, नारनौल, पलवल, रोहतक और सिरसा का एक्यूआई ही 200 से नीचे रहा। 11 शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर 200 से 300 के बीच में आंका गया। हालांकि, दिवाली पर वायु प्रदूषण का स्तर बीते साल के मुकाबले कम रहा। 

पराली जलाने के मामले बढ़े
प्रदेश में पराली जलाने का औसतन आंकड़ा मंगलवार को लगभग 200 तक पहुंच गया। बीते सप्ताह यही आंकड़ा 30 से 50 तक था। ग्राम स्तर पर निगरानी और नोडल अधिकारी तैनात करने के बावजूद त्योहार के कारण किसान अपना काम कर गए। जिलों में ग्रीन की जगह प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे खुलेआम बेचे और चलाए गए। प्रशासन की ओर से पटाखे चलाने से रोकने को लेकर कोई सख्ती नहीं की गई। 

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यह फोटो भी पंचकूला के सेक्टर-21 की है। दिवाली के बाद ली गई तस्वीर में शिवालिक की पहाड़ियां स्पष्ट नहीं दिख रही हैं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धीरे-धीरे आएगा लोगों की आदतों में बदलाव: राव
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी. राघवेंद्र राव ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस बार प्रदूषण का स्तर कम रहा है। हमारी कोशिश है कि धीरे-धीरे इसमें और लोगों की आदतों में सुधार लाया जाए। एकदम से बड़ा बदलाव लाना मुशिकल होता है। यह एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया है।
 
शहर           एक्यूआई
अंबाला 241
बहादुरगढ़     279
बल्लभगढ़     317
भिवानी       291
चरखी दादरी   301
धारूहेड़ा       331
फरीदाबाद     354
गुरुग्राम       371
हिसार     244
जींद       296
कैथल     233
करनाल     236
कुरुक्षेत्र     276
मानेसर     286
सोनीपत   214
यमुनानगर   211

    इन शहरों में 200 से नीचे रहा एक्यूआई
पानीपत   192
नारनौल   184
पलवल   154
पंचकूला   136
रोहतक   163
सिरसा   188
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