चंडीगढ़। सेक्टर-22 की एक बिल्डिंग में बुधवार को लगी आग ने शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शोरूम से लेकर 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों तक में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं? नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार अग्निशमन विभाग समय-समय पर एडवाइजरी जारी करता है लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आती है। सेक्टर-17 की कई इमारतें बिना फायर एनओसी के ही संचालित हो रही हैं जबकि कुछ सरकारी बिल्डिंगों के पास भी यह अनिवार्य प्रमाण पत्र नहीं है।
फायर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-22 की जिस बिल्डिंग में आग लगी, वहां भी फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। यह स्थिति तब है, जब विभाग लगातार नोटिस जारी कर रहा है। सेक्टर-17 के अग्निशमन विभाग के अनुसार करीब छह सेक्टरों में 100 से अधिक फायर एनओसी के नोटिस दिए जा चुके हैं। जानकारी के अनुसार सेक्टर-17 के बड़े एससीओ में बैक साइड का स्पेस कुछ लोगों ने बंद कर दिया है जो कि मानकों के अनुरूप नहीं है। वहीं, सेक्टर-22 की ज्यादातर इमारतों में फायर सेफ्टी के इंतजाम अधूरे हैं। कई शोरूम में फायर एग्जिट तक नहीं है और कई जगह फायर एक्सटिंग्युशर भी नहीं लगाए गए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि शहर की कई मार्केट, शोरूम और हेरिटेज इमारतों में न तो ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम है और न ही अलार्म सिस्टम। जहां उपकरण लगे भी हैं, वहां वे पुराने और निष्क्रिय हो चुके हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में 420 से अधिक इमारतें 15 मीटर से ऊंची हैं जहां फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में इमारतों के पास फायर एनओसी नहीं है। इसमें सेक्टर-17 की इमारतों के साथ कुछ सरकारी संस्थान भी शामिल हैं।
बड़ा सवाल
बड़ा सवाल यह है कि बार-बार नोटिस और नियमों के बावजूद जिम्मेदार विभाग सख्ती क्यों नहीं बरत रहे? और आखिर कब तक शहरवासी ऐसी लापरवाही के साए में रहने को मजबूर रहेंगे?
छोटी बिल्डिंगों का भी यही है हाल
सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट जैसी जगहों पर तंग गलियों और अवैध अतिक्रमण के कारण फायर टेंडर का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई शोरूम हेरिटेज बिल्डिंगों में हैं। आधुनिक फायर सिस्टम लगाने के लिए ढांचागत बदलाव करना मुश्किल है। अधिकांश डिफॉल्टर इमारतों में ऑटोमैटिक डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम पूरी तरह से गायब हैं।
शोरूम में फायर एनओसी के लिए जरूरी
1-हर मंजिल पर पर्याप्त अग्निशामक यंत्र होने चाहिए
2-स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम और धुआं डिटेक्टर्स
3-निकासी के रास्तों में कोई रुकावट न होना।
4-आपातकालीन अलार्म और पर्याप्त पानी की आपूर्ति।