अपनी मां सुमेधा और पिता रामकिशन भाकर के साथ शूटर मनु और पिता द्वारा किया गया ट्वीट।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को बाल वीरों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया। हालांकि बाल वीरों की चयन प्रक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय महिला शूटर मनु भाकर के पिता रामकिशन भाकर ने पुरस्कार की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और राष्ट्रपति को ट्वीट कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
उल्लेखनीय है कि इस साल भारतीय बाल कल्याण परिषद (आईसीडब्ल्यू) ने असाधारण बहादुरी के लिए दिए जाने वाले पुरस्कारों के लिए 26 बच्चों को चुना। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इन बच्चों को मेडल और सर्टिफिकेट के साथ पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई। ये बहादुर बच्चे 26 जनवरी को होने वाली परेड में भी शामिल होंगे।
वहीं, दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय महिला शूटर के पिता का कहना है कि मनु ने पुरस्कार के लिए समय से आवेदन किया था और वह सभी शर्तें पूरा करती है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में मनु ने नौ नेशनल और 12 इंटरनेशनल पदक प्राप्त कर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाया है। एक साल में 21 पदक जीतने के बाद भी पुरस्कार के लिए चयन न होना समझ से परे हैं।
अमर उजाला से बातचीत में रामकिशन भाकर ने बताया कि उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री कार्यालय में कई बार इस संबंध में संपर्क भी किया लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया से वो कतई संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि तीन साल के कैरियर में मन्नु ने 60 पदक नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर जीते हैं। प्रधानमंत्री बाल शक्ति पुरस्कार के लिए नेशनल स्तर पर गोल्ड और आयु 18 वर्ष से कम होना जरूरी है और इन मानकों को मनु पूरा कर रही है।