पंचकूला स्थित शक्ति पीठ माता मनसा देवी के प्रबंधन में विशेष सुधारों की उम्मीद बढ़ गई है।
हरियाणा सरकार ने माता वैष्णो देवी डिवेल्पमेंट मॉडल के तहत शक्तिपीठ के इर्द गिर्द के सभी मंदिरों के सुधार को लेकर को लेकर योजना तैयार की है।
इतना ही नहीं, सरकार ने इस दिशा में माता वैष्णो देवी श्राइन एक्ट 1988 की तर्ज पर मनसा देवी श्राइन एक्ट 1991 में सुधार किया है।
हरियाणा शहरी निकाय विभाग के विशेष सचिव पीके शर्मा ने हाईकोर्ट में पेश हलफनामे में यह जानकारी दी है। चीफ जस्टिस संजय किशन कोल पर आधारित खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान एफिडेविट को रिकार्ड में ले लिया। मामले की अगली सुनवाई 2 मई को होगी।
हाईकोर्ट में पेश किए गए हलफनामे में कालका स्थित कालका देवी के मंदिर के अंडरटेकिंग पर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। पेश हलफनामे में कहा गया है कि याची पक्ष इस मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर नहीं है।
यहां हजारों की तादाद में श्रद्धालु आते हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। हलफनामे में कहा गया है कि इस मंदिर की हर साल की इनकम 50 लाख के करीब है, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार का कोई भी एकाउंट नहीं खोला गया है।
कालका निवासी राममूर्ति एवं अन्यों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर हरियाणा सरकार की 8 अगस्त 2010 और 22 अगस्त 2010 की अधिसूचना को रद करने का आग्रह किया गया है।
अधिसूचना के तहत माता काली देवी मंदिर और उसके प्रबंधन के बंदोबस्तों को हरियाणा सरकार ने अंडरटेक किया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश जारी किए थे।