मनोज परिदा ने अपने पत्र में लिखा है कि 691 नवनियुक्त लिपिकों को सेक्टर-17 स्थित नए सचिवालय में एक साथ ज्वाइनिंग के लिए बुला लिया गया। इनमें से कई अपने माता-पिता के साथ आए हुए थे। आप भलीभांति जानती हैं कि चंडीगढ़ में कोरोना तेजी से फैल रहा है।
सैकड़ों केस सामने आ रहे हैं, ऐसे में इतनी संख्या में भीड़ बड़े स्तर पर संक्रमण फैला सकती है, जो चंडीगढ़ प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनेगा। परिदा ने मुख्य सचिव, हरियाणा से आग्रह किया है कि कोरोना को देखते हुए सभी विभागों को निर्देश दें, वे चरणबद्ध तरीके से लिपिकों को ज्वाइनिंग के लिए बुलाएं। अगर ये बेहद जरूरी है तो ही लिपिक बुलाए जाएं, अन्यथा भीड़ एकत्रित न करें।
केंद्र को विश्वास में लिया
सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन ने हरियाणा की मुख्य सचिव को पत्र लिखने से पहले केंद्र सरकार को विश्वास में लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। चूंकि बीते कुछ दिनों से चंडीगढ़ में कोरोना के रिकॉर्ड केस सामने आ रहे हैं।
ट्राइसिटी लॉकडाउन पर नहीं मिला साथ
ट्राइसिटी में केस बढ़ने पर चंडीगढ़ प्रशासन ने बीते महीने हरियाणा व पंजाब को सप्ताहांत बंदी (वीकेंड लॉकडाउन) की पेशकश की थी, जिसे दोनों राज्यों ने ठुकरा दिया। इसके कुछ दिन बाद पंजाब व हरियाणा ने संक्रमित मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर सप्ताहांत बंदी का निर्णय लिया। अगर दोनों सरकारें चंडीगढ़ का प्रस्ताव मान लेतीं तो स्थिति कुछ और हो सकती थी। चंडीगढ़ को कोरोना के मामले में दोनों राज्यों से हरसंभव सहयोग में कहीं न कहीं कमी दिखी है।
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