राजू रोजाना पठानकोट की सड़कों पर अपनी व्हीलचेयर पर बैठक निकल पड़ते हैं। इस दौरान राजू लोगों में मास्क और राशन बांटते हैं। लोगों को घर पर रहने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। राजू कहते हैं कि लोग बहुत पैसा देते हैं, वह पैसे जोड़ते हैं और मौका मिलते ही जरूरतमंदों पर खर्च कर देते हैं। राजू ने कहा कि जीते जी उसके अपनों ने उसे दूर रखा, कुछ नेकी कर लूंगा तो शायद आखिरी समय में लोगों के कंधे मिल सकें।
बच्चों की फीस, 22 गरीब कन्याओं की शादी कराई
राजू की दरियादिली का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वह समाज सेवा में बहुत दिनों से जुटे हुए हैं। अब तक वो 22 गरीब लड़कियों की शादी करा चुके हैं। गर्मियों में छबील, भंडारा भी करवाते हैं। इतना ही नहीं पठानकोट के ढांगू रोड पर एक गली की पुलिया पर रोजाना हादसों से तंग आकर राजू ने अपने पैसों से इसका निर्माण करवाया।
हर साल 15 अगस्त को महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीनें उपलब्ध कराते हैं। सर्दियों में कंबल बांटते हैं। राजू अभी कुछ बच्चों की फीस का खर्च भी उठा रहे हैं। कॉपी-किताब के लिए भी मदद करते हैं। राजू कहते हैं कि यह सब मेरे अपने हैं। इनकी मदद कर मन को शांति मिलती है।