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मनीष ग्रोवर का पलटवार- ताऊ देवीलाल की तरह बड़ा नेता बन हुड्डा को पीछे छोड़ना चाहते हैं कुंडू

Mon, 02 Mar 2020 03:03 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक
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फाइल फोटो
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विधायक बलराज कुंडू के आरोपों के बावजूद सीएम से क्लीनचिट पाने वाले पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर का कहना है कि कुंडू महत्वाकांक्षी नेता हैं। जल्दी से जल्दी ताऊ देवीलाल की तरह बड़ा नेता बनकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पीछे करके बड़े जाट नेता बनना चाहते हैं। इसलिए मेरे ऊपर अनाप शनाप आरोप लगाए हैं। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में हुई हिंसा में शामिल होने का जब कुंडू ने आरोप लगाया तो मेरा धैर्य जवाब दे गया। इसलिए अदालत में न्याय के लिए अर्जी दाखिल की है।
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ग्रोवर रविवार को मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। ग्रोवर ने कहा कि विधानसभा चुनाव में महम हलके की जनता ने राष्ट्रीय पार्टी भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी को हराकर आजाद उम्मीदवार बलराज कुंडू पर इसलिए विश्वास जताया था कि वे हलके का ज्यादा से ज्यादा विकास करवाएंगे। विधायक बनने के बाद कुंडू विकास कराने की जगह महत्वाकांक्षी बन गए। वे चाहते हैं कि ताऊ देवीलाल की तरह बड़ा नेता बनकर इस इलाके में पूर्व सीएम हुड्डा को पीछे करके बड़ा नेता बन जाऊं। पांच साल खामोश रहने वाले कुंडू ने इसी चक्कर में मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं।

शुगर मिलों में शीरे के रेटों में भ्रष्टाचार के आरोप पर ग्रोवर ने कहा कि बंटवारे के बाद मेरे पूर्वज पश्चिमी पाकिस्तान से आए और सिंहपुरा खुर्द में आकर रहने लगे। मेरे पिता व माता ने रोहतक के चंद्रसेन गुप्ता की गुप्ता ड्रम कंपनी में नौकरी की, बाद में भागीदार बन गए। 1971 में आहूजा बैरल कंपनी बना ली। जबकि मैं मंत्री अब आकर बना हूं। दूसरा, शुगर मिलों के अंदर एक कमेटी होती हैं, जिसमें किसानों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि व अधिकारी शामिल होते हैं। वही कमेटी सभी निर्णय लेती है। सरकार का कोई दखल नहीं होता। इसके बावजूद बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
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शहर जलने से बचाने के लिए चार रात नहीं सोया, आज भी पीड़ा

पूर्व मंत्री ग्रोवर का कहना है कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 2016 में भड़के दंगों के दौरान वे रोहतक में ही थे। उसके पड़ोसी इस बात के गवाह हैं। साथ ही आज भी मैंने अपने मोबाइल फोन का रिकार्ड संभाल कर रखा हुआ है। कैसे चार रात जागकर शहर को बचाने का प्रयास किया।

कभी मुख्यमंत्री से गुहार लगाई तो कभी डीजीपी व दूसरे अधिकारियों से कहा कि मेरे शहर को जलाया जा रहा है। भाई को भाई से लड़वाया गया है। अचानक सूचना आई कि कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में आग लगा दी गई है। मेरे कार्यालय को भी फूंकने की तैयारी है। कैसे चुन - चुनकर दुकानें जलाई गई।

कैसे पूर्व सीएम हुड्डा की डी पार्क स्थित दुकानों को छोड़ दिया गया और वर्तमान विधायक बीबी बतरा के बोर्ड को हाथ लग नहीं लगाया गया। यह सब सबके सामने है। ग्रोवर ने कहा कि आज उनकी 64 साल की उम्र हो गई। जितना आहत दंगों की हिंसा से हुआ, उतना दर्द आज तक नहीं हुआ।

जहां तक, पिछले विधानसभा चुनाव में हार का सवाल है, दुष्प्रचार के दम पर विपक्षी वोट लेने में कामयाब रहे, लेकिन शहर के लोग कांग्रेस को जिताकर खुश नहीं हैं। क्योंकि शहर का विकास ठप पड़ गया है।
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