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सावधान! मैनहोल के ढक्कनों पर चोरों की नजर, दो महीनों में दो चोरी, एडवाइजर ने की शिकायत

Fri, 13 Dec 2019 11:34 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लगता है हेरिटेज सामानों पर कोई गिरोह नजर गड़ाए हुए है। बीते दो महीनों में दूसरी बार शहर का नक्शा छपा मेनहोल का हेरिटेज ढक्कन चोरी हुआ है। इस बार चोरी सेक्टर-17 के जीपीओ के पास से हुई है। यहां कुछ निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस दौरान ही इस हेरिटेज ढक्कन की चोरी हुई है।
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हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने एडवाइजर मनोज परिदा से इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की है। एडवाइजर मनोज परिदा को लिखे लेटर में अजय जग्गा ने कहा है कि चंडीगढ़ का नक्शा छपे मेनहोल के ढक्कन की पहले भी चोरी हुई हैं।

यह ढक्कन ली कार्बूजिए ने चंडीगढ़ के निर्माण के समय डिजाइन किया था। यह शहर के लिए हेरिटेज है और ऐसे में इनकी चोरी एक गंभीर मामला है, जिसकी एफआईआर दर्ज कर एक तय समय के अंदर जांच होनी चाहिए। इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है जो शहर के हेरिटेज सामानों की चोरी कर रहा हो।
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बदनौर के समक्ष भी उठा चुके हैं हेरिटेज मामला

अजय जग्गा ने बताया कि करीब 13 साल पहले ऐसे ही एक ढक्कन की इंग्लैंड में नीलामी हुई थी, जिसे वहां पर करीब 11 लाख रुपये में खरीदा गया था। उन्होंने बताया कि वह इस मामले को लेकर अक्तूबर में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी मिले थे।

उन्होंने प्रशासक को बताया कि चंडीगढ़ के हेरिटेज को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लगातार हेरिटेज फर्नीचर की चोरी हो रही है, जिसे विदेश में करोड़ों में बेचा जा रहा है। चंडीगढ़ को हेरिटेज शहर का दर्जा दिलाना है तो इसके हेरिटेज सामानों को संभालकर रखना होगा।

क्या है इन ढक्कनों की खासियत..
इन ढक्कनों पर चंडीगढ़ का पूरा नक्शा बना हुआ है। ढक्कन के उपरी हिस्से में बीच से दायीं तरफ जाती दो लाइनें असल में सुखना झील को सींचने वाली बरसाती नदी है और इन लाइनों के खत्म होने पर बना त्रिकोण सुखना झील है। नीचे चकोर खाने शहर के सेक्टर हैं और उसी पैटर्न पर बने हैं, जिस पर शहर के सेक्टर बसे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, इन ढक्कनों को इस तरह डिजाइन किया गया था कि शहर के सारे मेनहोलों के ढक्कन एक ही दिशा यानी सीधे ही फिट हो सकते थे। शहर की पहचान इन ढक्कनों की कीमत के बारे में चंडीगढ़ के अफसरों को तब पता चला जब विदेश में इसकी नीलामी की खबर आई थी। आर्किटेक्चर के दीवानों ने विदेश में कुछ साल पहले इन ढक्कनों को मुंह मांगी कीमतों पर खरीदा। इसके बाद चंडीगढ़ के अफसर इनको लेकर जागरूक हुए।
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