पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
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किसानों के सशक्तीकरण के लिए पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य भर के किसानों को एक अप्रैल से डिजिटल जे-फॉर्म उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। पंजाब मंडी बोर्ड (पीएमबी) की इस नई पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस निर्णय से 9 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को फायदा होगा। इसकी मदद से किसानों को मंडियों में बेची जाने वाली फसल के लिए आढ़तियों व खरीदारों द्वारा सिस्टम पर बिक्री की पुष्टि के बाद जे-फॉर्म डिजिटल रूप के अलावा उनके वाट्सएप खाते पर भी मुहैया किए जाएंगे।
भगवंत मान ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य राज्य के किसानों को सिस्टम द्वारा तैयार प्रामाणिक डिजिटल जे-फार्म मुहैया करना है, जिसे पीएमबी की वेबसाइट
https://emandikaran-pb.in (आढ़तियों के लॉगइन आईडी और डिजीलॉकर) से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
फसल बिक्री की डिजिटल रसीद है जे-फार्म
जे-फॉर्म मंडियों में किसानों की कृषि उपज की बिक्री की रसीद है, यह पहले आढ़तियों द्वारा हाथों से जारी की जाती थी। रबी और खरीफ की फसल के मंडीकरण सीजन 2021-22 के दौरान ई-जे-फॉर्म (केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान और गेहूं के लिए) जारी करके पंजाब मंडी बोर्ड देशभर में अग्रणी बन गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान और गेहूं के लिए यह डिजिटल जे-फॉर्म हर समय पर उपलब्ध होंगे। प्रमाणिकता को सुनिश्चित बनाने के लिए, डिजिटल जे-फॉर्म क्यूआर कोड, वॉटरमार्क और यूनीक नंबर के साथ आता है।
पंजाब सरकार ने पीएसएसएसबी किया भंग
पंजाब सरकार ने पंजाब सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (पीएसएसएसबी) को भंग कर दिया है। इस संबंध में सरकार ने गुरुवार को अधिसूचना भी जारी कर दी गई। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। राज्य सरकार की तरफ से उक्त बोर्ड को भंग करने के कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं लेकिन माना जा रहा है कि सरकारी महकमों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए गठित इस बोर्ड में भारी अनियमितताओं के चलते इसे भंग करने का फैसला लिया गया है। दूसरी ओर, प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद सभी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट, बोर्ड और निगमों के चेयरमैन व सदस्यों द्वारा इस्तीफे देने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। यह सभी नियुक्तियां राज्य की पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा की गई थीं।