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चुटकी में खोलते थे फर्जी अकाउंट, अमरिंदर सिंह की पत्नी भी हुई शिकार, पेमेंट बैंक का मैनेजर गिरफ्तार

Mon, 19 Aug 2019 08:25 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
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मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी व सांसद परनीत कौर से लाखों की साइबर ठगी के मामले में पटियाला पुलिस ने फीनो पेमेंट बैंक लिमिटेड की मंडी गोबिंदगढ़ ब्रांच के मैनेजर आशीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस ने परनीत मामले में गिरफ्तार गिरोह के शातिर से पूछताछ के आधार पर की है। 

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साथ ही पुलिस ने फीनो बैंक के करीब 215 खाते फ्रीज किए हैं। पुलिस के मुताबिक इन खातों में सात लाख 73 हजार 896 रुपये की रकम जमा है। एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने सोमवार दोपहर को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि पिछले एक महीने में 200 से ज्यादा इन जाली बैंक खातों में करीब पांच करोड़ 33 लाख 41 हजार 896 रुपये जमा कराए गए हैं, जबकि पांच करोड़ 25 लाख 67 हजार 999 रुपये निकलवाए गए हैं। 

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एसएसपी ने बताया कि पटियाला पुलिस की ओर से पिछले दिनों बैंक खातों में ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ थाना सिविल लाइन में केस दर्ज करके एक अंतरराज्यीय गिरोह से संबंधित झारखंड व पंजाब के रहने वाले अफसर अली व नूर अली और अताउल अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों ने सांसद परनीत कौर के साथ 23 लाख की साइबर ठगी की थी। 

इन आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फीनो पेमेंट बैंक लिमिटेड की मंडी गोबिंदगढ़ ब्रांच के मैनेजर आशीष कुमार निवासी चांद कालोनी लुधियाना को रविवार को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में मैनेजर ने बताया कि उसने बैंक में नवंबर 2018 में मंडी गोबिंदगढ़ में बतौर मैनेजर ज्वाइन किया था। उसकी जान-पहचान आरोपी अफसर अली से हुई थी। जिस पर उन्होंने आपस में मिलकर आम लोगों के फर्जी बैंक खाते खोलने शुरू कर दिए। 

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एसएसपी ने बताया कि दसवीं पास आरोपी अफसर अली पहले आधार कार्ड बनाने का काम करता था और फीनो बैंक का डिस्ट्रीब्यूटर/ मर्चेंट का काम भी करता था। आरोपी को बैंक की ओर से स्पेशल मर्चेंट का शिनाख्ती कार्ड भी दिया गया था, जिससे यह बैंक में खाते खोलता था। 

एसएसपी ने बताया कि इस आईडी के जरिये अब तक आरोपी ने फीनो बैंक में 200 से ज्यादा व्यक्तियों के फर्जी खाते खोले थे और इन खातों में नेट बैंकिंग के जरिये आम लोगों के साथ ठगी करके करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया था। 

आरोपियों ने ऐसे खोले फर्जी खाते

यह खाते अफसर अली ने बड़ी ही चालाकी साथ लोगों से उनकी जानकारी के बिना खोले थे। जब लोग आरोपी पास अपने गुम हुए आधार कार्ड की कापी निकलवाने के लिए आते थे, तो यह उस व्यक्ति का आधार कार्ड का नंबर लेकर और बायोमैट्रिक प्रणाली जरिये उसका अंगूठा लेकर आधार कार्ड प्रिंट करता था।

साथ ही उस व्यक्ति का फीनो बैंक में खाता खोल देता था। आरोपी उस खाते में अपना फर्जी नंबर रजिस्टर कर देता था और खाता खोलने समय जरूरी रकम अपने पास से डाल देता था। इस दौरान आरोपी अफसर अली अपने दूसरे साथियों अताउल अंसारी निवासी जामताड़ा झारखंड और कुट बुल निवासी झारखंड से भी संपर्क में था।

इस केस में अताउल अंसारी को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जा रहा है। आरोपियों से इन फर्जी बैंक खातों में बड़े स्तर पर पैसों की हुई ट्रांजेक्शन बारे गहनता से पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने अफसर अली, अताउल अंसारी, बैंक के स्टाफ व गिरोह के अन्य साथियों खिलाफ थाना सिविल लाइन में केस दर्ज कर लिया है।   
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ज्यादातर फर्जी खाते मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना में खोले गए 

एसएसपी के मुताबिक सारे खाते ज्यादातर मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना में खोले गए थे। क्योंकि लुधियाना व मंडी गोबिंदगढ़ में ज्यादातर इंडस्ट्री है। जहां बाहरी राज्यों से काफी व्यक्ति लेबर के तौर पर काम करते हैं। 

यह गिरोह ठगी की रकम को इन बैंक खातों में से नेट बैंकिंग के जरिये बड़े स्तर पर ट्रांजेक्शन करके इन खातों में से कैश करवा लेता था। इन बैंक खातों में नेट बैंकिंग जरिये रकम का आदान-प्रदान ज्यादातर जामताड़ा, झारखंड से हुआ है। 

पूरे देश में लोगों के साथ साइबर ठगी कर रहे थे आरोपी  
एसएसपी ने बताया कि आरोपी अफसर अली की ओर से 200 से ज्यादा खोले गए फीनो बैंक खातों के एड्रेस जिनमें यूपी के 59, बिहार के 55, पंजाब के 85, पश्चिम बंगाल के दो, हरियाणा व एमपी के एक-एक एड्रेस मौजूद हैं। यह सारे ही बैंक खाते जुलाई 2019 में ही खोले गए हैं।
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