फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओमिक्रॉन की आहट: चंडीगढ़ में दक्षिण अफ्रीका से लौटा शख्स मिला पॉजिटिव, पत्नी और नौकर भी संक्रमित

Mon, 29 Nov 2021 10:44 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कोरोना के नए स्ट्रेन ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने समीक्षा बैठक कर तय किया कि अस्पतालों की ओपीडी में इलाज के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट और भर्ती होने से पहले आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट अनिवार्य होगी।
विज्ञापन
चंडीगढ़ मे ओमिक्रॉन का खतरा। - फोटो : प्रतीकात्मक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चंडीगढ़ में दक्षिण अफ्रीका से लौटा एक यात्री, उसकी पत्नी और नौकर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ओमिक्रॉन की आशंका जताते हुए तीनों संक्रमितों को सेक्टर 32 में डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कर लिया गया है। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह के अनुसार तीनों मरीज की स्थिति ठीक है। मरीजों के सैंपल जिनोम सिक्वेंसिग के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। 

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ सेक्टर 36 निवासी 38 साल का पुरुष 21 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से चंडीगढ़ आया था। एयरपोर्ट पर हुई आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे एहतियातन घर पर ही एकांतवास पर रखा गया था। 29 नवंबर को दोबारा की गई आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट में वह, उसकी पत्नी और नौकर संक्रमित पाए गए हैं।  

ओपीडी के लिए रैपिड व भर्ती से पहले आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी
कोरोना के नए स्ट्रेन ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए प्रशासन बचाव की तैयारियों में जुटा है। तैयारियों का जायजा लेने के लिए सोमवार को सचिव स्वास्थ्य यशपाल गर्ग की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक की गई। इसमें तय हुआ कि अस्पतालों की ओपीडी में इलाज के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट और भर्ती होने से पहले आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट अनिवार्य होगी। वहीं, एसिम्टोमैटिक मरीजों की दोनों ही जांचें की जाएंगी। पीजीआई को भी रैपिड और आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ाने व उसे पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर भी जल्द से जल्द जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया।
विज्ञापन


यशपाल गर्ग ने जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, सेक्टर-22, सेक्टर-45 और मनीमाजरा के अस्पतालों में परामर्श से पहले कोविड जांच व्यवस्था शत प्रतिशत लागू करने को कहा। वहीं इमरजेंसी व ट्रॉमा के मरीजों का इलाज बाधित किए बिना जांच की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

अब नहीं होगी बेड और ऑक्सीजन की कमी
अस्पतालों में आईसीयू और ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता पर उन्होंने बताया कि जीएमसीएच-32 के 80 प्रतिशत बेड फुल होने की स्थिति में सेक्टर-48 के अस्पताल को खोला जाएगा। वहां, 121 ऑक्सीजन बेड और 17 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। वहीं, सेक्टर-45 में बच्चों के आईसीयू की व्यवस्था की गई है। सभी अस्पतालों में कोरोना जांच किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जीएमएसएच-16 व जीएमसीएच-32 में 800 एलपीएम क्षमता के दो ऑक्सीजन प्लांट बन कर तैयार हैं। दोनों दिसंबर के तीसरे हफ्ते तक काम करने लगेंगे। साथ ही सरकार के निर्देशानुसार महत्वपूर्ण दवाओं के स्टॉक भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं।

नगर निगम चुनाव पर भी नजर

उधर, नगर निगम चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक आरओ के साथ एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों और स्थितियों के अनुसार आवश्यकता के अनुरूप सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कोरोना से बचाव के मानकों को लागू कराने में योगदान दें। 
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें