युवक की पहचान डेराबस्सी निवासी अमनदीप के रूप में हुई है। पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये इस आयोजन पर खर्च किए थे ताकि निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। लेकिन नामी कंपनियों के प्रमुखों और निवेशकों के सामने घटी इस घटना से सरकार की खासी फजीहत हुई।
सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ लोक संपर्क अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि मीडिया ब्लॉक में हरेक का आईडी कार्ड चेक करने की जिम्मेदारी उनकी थी। सीएम के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, जोकि मौके पर मौजूद थे, ने सुरक्षा में लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं।
सीएम ने की युवक की मदद
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह युवक की मदद को आए। उन्होंने सेशन खत्म होने के बाद अमनदीप सिंह से मुलाकात कर उसकी समस्या सुनी। मोहाली के डीसी और एसएसपी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डेराबस्सी में त्रिवेदी कैंप निवासी अमनदीप ने सीएम को बताया कि उसकी दुकान का मामला अदालत में विचाराधीन है।
पर एक प्रॉपर्टी डीलर ने उसे दुकान से बाहर निकाल कर ताला लगा दिया। सीएम ने डीसी गिरीश दयालन और एसएसपी कुलदीप चाहल को हिदायत दी कि तथ्यों की पड़ताल कर अमनदीप को उसकी दुकान वापस दिलाई जाए, जोकि वक्फ बोर्ड से संबंधित है।