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Exclusive: पत्नी के हत्यारे पति को बेटे की गवाही से हुई उम्रकैद, कोर्ट की टिप्पणी पढ़नी चाहिए

Sat, 20 Jul 2019 03:11 AM IST
ajay kumar विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर
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छह साल पहले पत्नी को जिंदा ही नहर में धक्का देकर मारने वाले बालंद गांव निवासी राजकुमार के साथ रहम नहीं किया जा सकता। यह टिप्पणी करते हुए एडीजे आरपी गोयल की अदालत ने शुक्रवार को राजकुमार, उसके दोस्त और चचेरे भाई सतबीर को कठोर आजीवन कारावास व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 

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जज ने फैसले में टिप्पणी की है कि संविधान के आर्टिकल-15 में महिलाओं और बच्चों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य की है, लेकिन आजादी के इतने वर्षों बाद भी महिलाओं की समाज में स्थिति दयनीय बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2018 को बालंद गांव निवासी रवि ने शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी कि उसका व उसके भाई सचिन का पालन-पोषण नानी पताशो देवी, गांव कोट जिला झज्जर ने किया है। 

सांकेतिक तस्वीर
उसकी मां बबली देवी पिता से परेशान होकर कभी कोट गांव आ जाती तो कभी बालंद गांव में रहने लग जाती थी। पूछने पर मां बताती थी कि तुम्हारा पिता शराब पीने का आदी है। मौसी रामभतेरी भी बालंद गांव में ब्याही है, जिसके पास वह अकसर आता था।

20 जनवरी 2013 को उसके चाचा रमेश ने सूचना दी कि उसकी मां बबली 19 जनवरी से लापता है। वह नाना के घर से पिता के पास आया, लेकिन मां बबली का सुराग नहीं लग सका। 

इसी बीच उसके पिता राजकुमार का सतबीर के साथ झगड़ा हो गया। सतबीर ने शिवाजी कॉलोनी थाने में शिकायत दी कि 2002 में राजकुमार ने उससे साढ़े 22 हजार रुपये उधार दिए थे। 14 जनवरी 2018 को जब वह पैसे मांगने गया तो राजकुमार ने सोटा मारकर उसे घायल कर दिया। बाद में पुलिस ने सतबीर के बयान पर राजकुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 व 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया। 

जब पुलिस ने राजकुमार से थाने में पूछताछ की तो उसने खुलासा किया कि 2013 में उसकी पत्नी बबली लापता नहीं हुई, बल्कि उसने अपने चचेरे भाई सतबीर के साथ मिलकर जिंदा ही नहर में फेंक दिया था। दो पुलिसकर्मियों के सामने खुलासे के समय बबली की बहन रामभतेरी व बेटा रवि भी मौजूद थे। 

इस पर रवि की शिकायत पर पुलिस ने राजकुमार व सतबीर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। राजकुमार ने पुलिस को बताया कि उसकी बबली से नहीं बनती थी। दोनों में झगड़ा होता रहता था। एक दिन पहले कोर्ट ने राजकुमार व सतबीर को हत्या का दोषी करार दिया। शुक्रवार को आजीवन कारावास व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 

कोर्ट की टिप्पणी - झगड़े किस परिवार में नहीं होते, पत्नी से दासों जैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता

जज ने फैसला सुनाते हुए लिखा कि समाज में महिलाओं के साथ पशुओं जैसा व्यवहार किया जा रहा है। अगर वे परिवार के पुरुषों के मुताबिक व्यवहार नहीं करतीं तो उनके साथ क्रूरता की जाती है। किस परिवार में छोटे-मोटे झगड़े नहीं होते लेकिन पति को पत्नी की हत्या का अधिकार नहीं दिया जा सकता। 

अगर मतभेद नहीं सुलझते तो तलाक लेकर अलग-अलग रह सकते हैं। बबली के केस में पति ने दोस्त के साथ मिलकर पत्नी को जिंदा ही नहर में धक्का देकर मार डाला। इस कृत्य को जनवरी 2018 तक छिपा कर भी रखा। समाज ने हर किसी की सीमाएं तय की हैं, फिर भी महिलाओं के साथ दासों की तरह व्यवहार किया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। 
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दो बेटों से छीन लिया मां की ममता का साया, उनका नाम लेकर ही मांगी राजकुमार ने दया की भीख

कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया है कि राजकुमार ने अदालत को बताया कि वह गरीब परिवार से है। उसके दो बेटे हैं, जो अविवाहित हैं। परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। दोनों बच्चे पढ़ रहे हैं। उनके साथ नरम व्यवहार किया जाए। जबकि सतबीर ने कहा कि वह गरीब परिवार से है। 

परिवार में उसके अलावा कोई कमाने वाला नहीं है। एक बेटा और बूढे़ माता-पिता हैं। बचाव पक्ष के वकील ने दोनों के लिखित बयान कोर्ट के सामने रखे। सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि कानून के तहत ऐसे लोगों के साथ नरम बर्ताव नहीं किया जा सकता।
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