2015 तक दोनों अमृतसर में रहे लेकिन इस दौरान पत्नी ने उन्हें वापस चंडीगढ़ जाने के लिए कहना शुरू कर दिया। इसके बाद वह 2016 में चंडीगढ़ आ गए और यहां वह अपनी पत्नी और उसके परिवार के साथ ही रहने लगे। यहां आकर स्थिति इतनी खराब हो गई कि लड़की के परिवार ने कई बार उन्हें पगड़ी उतारने और बाल कटवाने के लिए मजबूर किया। उनका कड़ा भी हाथ से निकालने की कोशिश की और कहा कि वह एक मुस्लिम की तरह रहे।
उनके बेटे को भी मुस्लिम बनाने की कोशिश की गई। इन्हीं बातों को लेकर उनके बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि उनको ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया और उनके बेटे को अपने पास रख लिया। उसके बाद व्यक्ति ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अब उन्हें मजबूरी में अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी शादी को 13 साल हो गए और उन्होंने कभी अपनी पत्नी पर सिख धर्म अपनाने का दबाव नहीं बनाया लेकिन अब उल्टा उन्हें ही सिख धर्म छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनकी जान को भी खतरा है।