मलोया में सरकारी जमीन पर बनी दुकानों को तोड़ने के बाद मलबा उठाने आई प्रशासन और पुलिस कर्मचारियों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोगों की जमकर झड़प हुई।
लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टीम को वापस भेज दिया। मलोया में प्रशासन और नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओ से चलाए गए अभियान के खिलाफ पूर्व मेयर पूनम शर्मा ने भी मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पूर्व मेयर पूनम शर्मा दुकानदारों के समर्थन में मलोया में ही लोगों के साथ धरने पर बैठ गई है।
शुक्रवार को यहां से 70 दुकानों के खोखो को हटाया गया है जो कि सरकारी जमीन पर बने हुए थे। शनिवार को प्रशासन इस खाली करवाई गई जगह का कब्जा लेने के लिए एरिया को सील करने के लिए आए थे लेकिन पूर्व मेयर पूनम शर्मा के साथ लोगों ने मिलकर जमकर विरोध प्रकट किया लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान पुलिस ने लोगों को हटाने के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया लेकिन झड़प हो गई। टीम अपने साथ जेसीबी मशीन भी लेकर आई थी।
जिस कारण खाली करवाई गई जगह को तारों से सील करने आई टीम वापस लौट गई। पूर्व मेयर पूनम शर्मा का कहना है कि साल 1992 से यह दुकानदार यहां से काम कर रहे हैं उनका कहना है कि प्रशासन को इन दुकानदारों का पुनार्वास करना चाहिए उनका कहना है कि अब वह अनिश्िचित कालीन धरने पर बैठ गई है।
उनका कहना है कि सलाहकार विजय देव से भी उन्होंने फोन पर बात की है। मालूम हो कि पूर्व मेयर पूनम शर्मा मलोया से ही वार्ड पार्षद है। देर शाम धरने के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और मुकेश बस्सी भी गए।