किसानों की जमीन एक्वॉयर करने के बाद गमाडा ने मुआवजे की करोड़ों रुपये की राशि खजाने में जमा करवा दी है, लेकिन, खजाना विभाग मुआवजा राशि रिलीज नहीं करता है।
जब अदालत की ओर से सख्ती की जाती है तो खजाना अफसर उच्च अधिकारियों के आदेश दिखाकर अपना पीछा छुड़ाने की कोशिश करते हैं। ऐसा ही एक मामला जिला अदालत में आया है। जहां अतिरिक्त सेशन जज तरसेम मंगला ने खजाना अफसर सुरिंदर कौर को समन जारी कर 5 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है।
किसानों की पैरवी कर रहे एडवोकेट शेर सिंह राठौर ने बताया कि किसानों के मुआवजे का करोड़ों रुपया खजाने में जमा है। लेकिन, खजाना दफ्तर के अधिकारी किसानों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही अदालत में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ केस दायर करेंगे।
ऐसे पता चला कि कैसे रुकते हैं पैसे
जानकारी के मुताबिक, अदायगी न करने का खुलासा उस समय हुआ जब रणजीत सिंह निवासी सोहाना सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बढ़ाए गए पैसे लेने के लिए अदालत में अर्जी दायर की।
अदालत ने खजाना अफसर को समन जारी कर दिया। इसके बाद रणजीत सिंह को मुआवजे की राशि जारी कर दी गई। लेकिन, जिला खजाना अफसर ने अदालत में यह कहकर सबको हैरत में डाल दिया कि डिप्टी डायरेक्टर फाइनेंस के आदेश पर मुआवजा राशि रोकी गई थी।
जब अदालत ने अन्य किसानों के मुआवजे का जिक्र किया तो खजाना अफसर ने कहा कि उच्च अधिकारियों के आदेश के बिना यह संभव नहीं है। इस दौरान बलदेव सिंह चिल्ला, गुरिंदर सिंह मुल्लांपुर व अन्य ने अदालत में पेश होकर मुआवजे की राशि की मांग की थी।