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PGI में धांधली: बिना हल किए प्रश्नों के नंबर छप्पर फाड़ के

Tue, 09 Feb 2016 09:29 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई में पिछले साल सुपरीटेंडेंट की पोस्ट के लिए आयोजित की गई परीक्षा में जमकर धांधली हुई थी। काफी आरोप लगे। उसके बाद विजिलेंस जांच हुई। हाल ही में परीक्षार्थियों की जांची गई कापी अमर उजाला के हाथ लगी है।
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कॉपी देखने के बाद साफ पता चलता है कि कापी को जांचने वाले ने नंबर छप्पर फाड़ कर दिए हैं। परीक्षार्थियों ने जिन सवालों का जवाब तक नहीं दिया, उसके नंबर भी उन्हें पूरे दिए गए। इनमें से अधिकतर लोगों का सलेक्शन हो गया और उन्हें प्रमोट भी कर दिया गया।

धांधली सामने आने के बाद कई जगह शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब फिर से इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय से की गई है, ताकि आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा सके। सुपरीटेंडेंट की कुल 11 पोस्ट थी। इसके लिए क्लर्क व असिस्टेंट का प्रमोशन कर उन्हें सुपीरीटेंडेंट प्रमोट करना था। इसका एग्जाम पिछले साल आयोजित हुआ था।
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ऐसे हुई धांधली
1.रोल नंबर 1003 के परीक्षार्थी को दूसरे पेपर के प्रश्न नंबर तीन पर 30 के बजाए 34 नंबर दिए गए। प्रश्न नंबर चार पर 18 नंबर के बजाए 19 नंबर दिए गए।
2.रोल नंबर 1007 के परीक्षार्थी ने दूसरे पेपर के प्रश्न नंबर तीन को हल नहीं किया, इसके बावजूद उन्हें आठ नंबर दे दिए गए।
3.रोल नंबर 1019 पहले पेपर का प्रश्न नंबर पांच नहीं किया, इसके बावजूद परीक्षार्थी को 15 नंबर दे दिए गए।
4.रोल नंबर 1031 ने पहले पेपर का प्रश्न नंबर तीन नहीं किया, इस पर परीक्षार्थी को 12 नंबर दिए गए।
5.रोल नंबर 1010 को दूसरे पेपर के प्रश्न नंबर तीन का उत्तर देने पर 32 के बजाए 34 नंबर दिए गए।

विजिलेंस रद्द करने की सिफारिश कर चुका है
शिकायत के बाद पीजीआई प्रशासन ने जांच के लिए एक कमेटी गठित की। कमेटी ने इस पूरे मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि कापी जांचने में बहुत अनियमियताएं बरती गई हैं। उसके बाद उसने अपनी रिपोर्ट में एग्जाम को कैंसिल करने की सिफारिश की थी। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

कांपी जांचने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं
विजिलेंस जांच सामने आने के बाद भी पीजीआई प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। हैरत की बात यह है कि जिन एग्जामनर ने कापी की जांच की तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे अब पीजीआई प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि विजिलेंस रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने उसे पुर्नमूल्यांकन की बात कही थी, लेकिन अब तक इस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
 
सुभाष चंदर, एंटी करप्शन फ्रंट पीजीआई ने बताया कि इतनी बड़ी धांधली के बाद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होना पीजीआई प्रशासन पर बड़ा सवाल बनता है। पीजीआई प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करे और एग्जाम को रद्द कर नए सिरे से भरती करे।
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