इंडस्ट्री से जुड़े सभी जरूरी मसले एक महीने के अंदर निपटाए जाएंगे। इसके लिए डीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है।
सोमवार को एडवाइजर विजय कुमार देव की अध्यक्षता में आयोजित इंडस्ट्री एडवाइजरी कमेटी की पहली बैठक में यह फैसला लिया गया। इंडस्ट्री एवं गृह सचिव अनुराग अग्रवाल की मौजूदगी में उद्योगपतियों ने अपनी सभी समस्याएं गिनाईं।
लीज टू लीज होल्ड प्रॉपर्टी के रेट होंगे तय
डीसी अजीत बालाजी जोशी की अध्यक्षता वाली कमेटी एक महीने में लीज टू लीज होल्ड प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के रेट तय करेगी। इसके अलावा लीज टू फ्री होल्ड का जो मामला एमएचए के पास विचाराधीन है, उसे भी जल्द हल करवाने का प्रयास करेगी।
इन दोनों लंबित मांगों को हल करने की बात बैठक में उद्योगपतियों ने उठाई थी। यह कमेटी इंडस्ट्रियल एरिया में खाली पड़े प्लाट को अलॉट भी करेगी।
मिसयूज नोटिस रोकने की मांग
उद्योगपतियों ने प्रशासन से मिसयूज और वॉयलेशन के रेट तय नहीं हो जाने तक इसके नोटिस रोकने की बात उठाई। इस पर प्रशासन ने कानूनी राय लेने के बाद ही कोई कदम उठाने को कहा। मिसयूज और वॉयलेशन के रेट तय करने का मामला लंबे समय से एमएचए के पास विचाराधीन है।
एसोसिएशन करेगी सौंदर्यीकरण
इंडस्ट्रियल एरिया के सौंदर्यीकरण का जिम्मा इंडस्ट्री एसोसिएशन को सौंपा गया है। इंडस्ट्रियल एरिया में चार एसोसिएशंस कार्यरत हैं। एक एसोसिएशन को इंडस्ट्रियल एरिया का एक एंट्री प्वाइंट सौंदर्यीकरण के लिए दिया जाएगा।
निवेश के लिए होगी मार्केटिंग
इंडस्ट्रियल एरिया में निवेश के लिए कमेटी रणनीति बनाएगी। इसके लिए उद्योगपति और प्रशासन मिलकर मार्केटिंग रणनीति बनाएंगे। साथ ही जिन क्षेत्रों में निवेश की अधिक संभावनाएं हैं, उन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, आईटी की कई कंपनियां चंडीगढ़ आना चाहती हैं।