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बरोदा उपचुनाव : ‘विरोध’ की चिंगारी में सुलगी गठबंधन के प्रयासों की ‘जीत’, सामने आए ये कारण

Wed, 11 Nov 2020 02:36 PM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कांग्रेस ने जीता बरोदा का रण। - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के बरोदा उपचुनाव में कई संगठनों के ‘विरोध’ की चिंगारी में गठबंधन सरकार के प्रयासों की ‘जीत’ भी सुलग गई। सरकार पहले ही किसानों की नाराजगी मोल लिए हुए थी, उस पर कर्मचारियों, सेक्टरवासियों, युवाओं और शिक्षकों का गुस्सा भी इस उपचुनाव में प्रदेश सरकार के लिए विफलता का एक कारण बन गया। 

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विभिन्न मुद्दों पर विरोध कर रहे इन लोगों को उपचुनाव से पहले साधने में भी गठबंधन सरकार कामयाब नहीं हो पाई। नतीजतन बरोदा के रण में गठबंधन सरकार के हाथ से जीत पहले ही राउंड से फिसलती चली गई। उधर, बरोदा में चुनाव लड़ रहे अन्य विपक्षी दल भी इन लोगों के मुद्दों को अपनी रैलियों के मंच से प्रमुखता से उठा रहे थे।

बरोदा उपचुनाव भाजपा-जजपा सरकार और कांग्रेस दोनों की प्रतिष्ठा से जुड़ा था। कांग्रेस को अपना गढ़ बचाना था तो भाजपा को यहां अपना नया किला खड़ा करना था। जजपा भी भाजपा के ही साथ खड़ी थी। यहां भाजपा के लिए खोने को तो कुछ नहीं था, मगर जीतने के लिए पूरा बरोदा था। लेकिन गठबंधन सरकार की इस उम्मीद को जेबीटी पात्र शिक्षकों, बर्खास्त पीटीआई, एन्हांसमेंट मुद्दे पर संघर्षरत सेक्टरवासियों और पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे कर्मचारियों के आंदोलन ने बड़ा झटका दिया।

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जेबीटी एचटेट पास एसोसिएशन के पात्र शिक्षक यहां करीब एक महीना पहले से ही प्रदेश सरकार के खिलाफ अभियान चलाए हुए थे। कुल 90 हजार जेबीटी पात्र शिक्षकों में से 4137 पात्र शिक्षक बरोदा हलके से ताल्लुक रखते है। इन लोगों ने हर बड़े गांवों में लोगों से संपर्क कर सरकार के खिलाफ वोट करने की अपील की। 

उपचुनाव में भी इन पात्र शिक्षकों ने बैनरों के जरिए भी विरोध किया। इतना ही नहीं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर भी अपने विरोध अभियान को प्रभावशाली ढंग से चलाया। इन शिक्षकों की मांग थी कि वर्ष 2013 से लेकर अभी तक सरकार ने जेबीटी की भर्तियां नहीं निकाली। जिस वजह से हजारों युवाओं का पात्रता सर्टिफिकेट भी समाप्त हो चुका है।

बर्खास्त हुए 1983 पीटीआई भी बरोदा में सक्रिय रहे। ये लोग टोलियां बनाकर बरोदा हलके के सभी गांवों में गए और वहां सरकार के खिलाफ माहौल तैयार किया। विभिन्न शिक्षक संघ भी अंदरखाने जेबीटी पात्र शिक्षकों व बर्खास्त पीटीआई के साथ थे। इसके अलावा हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर कंफेडरेशन की टीम भी बरोदा में ही सक्रिय थी। इस संगठन ने भी हलके में अपना विरोध अभियान चलाया था। 

इन सेक्टरवासियों में इस बात की नाराजगी थी एन्हांसमेंट राशि को अपडेट करने के मसले पर कई बार आश्वासन के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। एचएसवीपी विभाग एन्हांसमेंट की गुत्थी को सुलझाने की बजाए उलझाने में जुटा है और अब एन्हांसमेंट पर ब्याज की भी तैयारी भी कर रहा है। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर भी संघर्ष समिति ने गोहाना में राज्य स्तरीय बैठक की थी। ये कर्मचारी भी अपनी इस मांग पर आश्वासन के बावजूद ध्यान न देने से खफा चल रहे थे।
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