बहुचर्चित एचसीएस पेपर लीक मामले में कई चौंकाने वाले सच सामने आए हैं, वहीं केस में गिरफ्तार आयुषी भी कई दफन राज खोलेगी। मले की मुख्य आरोपी सुनीता सेक्टर-18 के जिस मंदिर में रहती थी, उसका प्रधान सुनील चोपड़ा उर्फ टीटू ही था। पेपर मिलने के बाद सुनीता ने सबसे पहले अपनी रूममेट आयुषी गोदारा को इस बारे में बताया था।
इसके बाद उसने सुशीला और कांग्रेसी नेता टीटू को इसके बारे में बताया था। सुनीता ने ही दोनों को पेपर के लिए कैंडीडेट तलाशने को कहा था। इसके बाद आयुषी ने जहां पिता सुभाष गोदारा और अन्य रिश्तेदारों की मदद से कैंडीडेट तलाश किए थे, वहीं टीटू ने भी पेपर के लिए कैंडीडेट तलाशे थे।
सूत्रों के अनुसार टीटू ने मंदिर के गेस्ट हाउस में ही रहकर परीक्षा की तैयारी कर रही कुछ कैंडीडेट्स से पेपर पास करवाने की बात की थी। उसने उनसे प्रति कैंडीडेट 25-30 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इसके अलावा उसने बाहर से भी कुछ कैंडीडेट तलाश किए थे। सुनीता और टीटू के अलावा आयुषी ने कुछ कैंडीडेट्स से तो एक करोड़ रुपये तक में पेपर पास करवाने की गारंटी ली थी।
एचसीएस (ज्यूडिशियल) पेपर लीक
सूत्रों के अनुसार आयुषी से अभी तक कि पूछताछ में सामने आया है कि टीटू और वह जिन कैंडीडेट्स को लेकर आए थे, उन्हें सेक्टर-18 के गेस्ट हाउस में जहां वह रहते थे, वहीं टीटू और सुनीता ने तैयारी करवाई थी। इस दौरान उनके रहने खाने-पीने आदि का इंतजाम भी टीटू ने ही किया था। इसके अलावा कुछ कैंडीडेट्स को गेस्ट हाउस के बाहर भी पेपर की तैयारी करवाई गई थी।
सुनीता और टीटू में प्रति कैंडीडेट पेपर बेचने पर हिस्सेदारी तय हुई थी। वहीं टीटू ने सुनीता और डॉ. शर्मा को काफी सुविधाएं मुहैया करवाई थीं। वहीं एसआईटी पिछले साल अक्तूबर, नवंबर में भी टीटू को पूछताछ के लिए कई बार बुला चुकी थी, लेकिन उस समय सुनीता से पूछताछ में कुछ खास न उगलवा पाने के बाद उसके खिलाफ डायरेक्ट इविडेंस सामने नहीं आ पा रही थी।
इस पर एसआईटी उसे उस समय गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। सोमवार को आयुशी की गिरफ्तारी के बाद उसने पूछताछ के दौरान कांग्रेसी नेता टीटू का पूरे मामले में सक्रियता होने की बात कबूली। उसकी डिस्क्लोजर स्टेटमेंट के बाद पुलिस ने उसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जो राज अब तक सुनीता और अन्य आरोपियों से नहीं उगलवा सकी थी, उनसे अब आयुषी पर्दा उठाएगी।
आयुषी के पिता की तलाश में पुलिस
बातचीत करते आरोपी सुनीता और हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. बलविंदर कुमार शर्मा।
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आयुषी ने पुलिस को बताया है कि सुनीता के कहने पर उसने अपने पिता सुभाष गोदारा से बात की। इसके बाद उन्होंने भी पेपर के लिए कैंडीडेट्स तलाश किए थे। एसआईटी अब सुभाष गोदारा की तलाश कर रही है। उसकी तलाश में हरियाणा में छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसकी भी गिरफ्तारी हो सकती है।
कौन है सुनील चोपड़ा
सुनील चोपड़ा उर्फ टीटू कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी में वर्तमान में कैशियर के पद पर है। इसके अलावा वह फॉस्वेक में सेक्रेटरी के पद पर भी रह चुका है। टीटू वर्तमान में सेक्टर-18 स्थित राधा कृष्ण मंदिर का प्रधान भी है। वहीं वह सेक्टर-18 की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का प्रधान भी है।
पिछले साल 10 जुलाई को दिया था बलविंदर ने सुनीता को पेपर
मामले में दायर चार्जशीट के मुताबिक डॉ. बलविंदर शर्मा ने सुनीता को 10 जुलाई 2017 को पेपर सौंपा था। बलविंदर खुद इस दिन उसे सेक्टर-24 में मिलने गए थे। सुनीता ने डॉ. शर्मा को सेक्टर-23/24 की डिवाइडिंग रोड पर बुलाया था। शाम को 7 से 8 के बीच डॉ. शर्मा उससे मिलने गए थे। वहीं उन्होंने सेक्टर-24 स्थित एक पार्क के पास सुनीता को पेपर दिया था। साथ ही उसकी आंसर शीट भी दी थी।
सुनीता ने आयुषी की आईडी से लिया था सिम
डॉ. शर्मा और सुनीता ने पूरी प्लानिंग के तहत फरवरी 2017 में ही अपने-अपने मोबाइल नंबर से फोन पर बातचीत बंद कर दी थी। हालांकि इससे पहले दोनों के बीच पिछले एक साल में साढ़े सात सौ से अधिक बार बातचीत और मैसेज भेजे गए थे। फरवरी में सुनीता ने जिस मंदिर में वह रहती है उसके कैंटीन संचालक और रूममेट आयुषी की आईडी से जीओ के दो सिम लिए थे। इन दोनों सिम से ही इसके बाद सुनीता और डॉ. शर्मा के बीच बातचीत होती थी। फरवरी से लेकर जुलाई तक दोनों के बीच 1152 बार फोन पर बात हुई। सुनीता ने फरवरी में ही पेपर लीक को लेकर प्लानिंग कर ली थी।
यह है मामला
hcs Paper Leak
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिए याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस ज्यूडिशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे जिसके लिए याची ने भी अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया।
इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई जिसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जब याची ने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली।
याची ने कहा उसे विश्वास नहीं हुआ इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है। सुशीला ने याचिकाकर्ता को छह सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। जब 16 जुलाई को परीक्षा हुई तो याचिकाकर्ता को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जो सवाल उसे बताए गए थे, वह परीक्षा में आए थे।
याचिकाकर्ता ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उन्होंने उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को और हाईकोर्ट को एडमिनस्ट्रेटिव साइट पर दी। याचिकाकर्ता के अनुसार यह एक बेहद ही गंभीर मामला है लिहाजा इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी बेहद ही जरूरी है।