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मेजर अमित देशवाल: घर तो आना ही था, तिरंगे में लिपटकर लौटा

Mon, 18 Apr 2016 04:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
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हरियाणा का शहीद सैनिक मेजर अमित देशवाल - फोटो : फाइल फोटो
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आर्मी डे यानी 15 जनवरी को जन्मे रणबांकुरे मेजर अमित देशवाल घर तो आए, पर तिरंगे में लिपटकर। सेना के विशेष हेलीकॉप्टर में सेना के अधिकारी उनका पार्थिव शरीर पहले झज्जर पुलिस लाइन पहुंचा। वहां से उसे झज्जर आवास के लिए रवाना कर दिया गया। उनके गांव सुरेहती में अंतिम संस्कार की रस्में चल रही हैं।
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मणिपुर के तामेंगलांगजिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में मेजर अमित देशवाल के शहीद होने की खबर से जहां ग्रामीणों की आंखें भी नम थी, वहीं शहीद के घर में कोहराम मचा था। मेजर अमित के वृद्ध पिता ऋषिराम देशवाल को बेटे को खोने का गम था, लेकिन सीना गर्व से चौड़ा था कि उनका लाल देश के लिए शहीद हुआ।

उन्होंने कहा कि हमें ऐसे और सपूतों की जरूरत है जो सीने पर दुश्मनों की गोलियां रोकते हैं। मणिपुर में आतंकवादी संगठन एनएससीएन और जेडयूएएफ के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष ऑपरेशन से जुड़े सुरेहती के रणबांकुरे मेजर अमित देशवाल ने एक आंतकी को ढेर कर अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। 
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नहीं थम रहे मां के आंसू
बेटे की मौत की खबर सुनने के  बाद से ही शहीद की मां बेदवती की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बार-बार बेटे की याद में बेसुध होकर गिर रही मां को बेटे के शहीद होने पर गर्व है, लेकिन उसकी यादों को वो भुला नहीं पा रहीं। शहीद अमित के भाई अंकित ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके बड़े भाई ने देश के लिए लड़ते हुए अपनी जान दी।
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आर्मी डे के दिन हुआ था अमित का जन्म

हरियाणा का शहीद सैनिक मेजर अमित देशवाल - फोटो : फाइल फोटो
शहीद मेजर अमित देशवाल का जन्म 15 जनवरी 1985 को गांव सुरेहती में हुआ था। संयोग से इसी दिन आर्मी दिवस भी मनाया जाता है। 5वीं तक की पढ़ाई गांव में ही पूरी करने के बाद कक्षा 6 से 8वीं तक की पढ़ाई अंबाला में की। 9वीं से 12वीं की पढ़ाई के लिए केंद्रीय विद्यालय प्रथम नासिक में भेजा गया। पिता ऋषिराम देशवाल की पोस्टिंग भी नासिक में ही थी।

गुरु गोविंद सिंह कॉलेज दिल्ली से सन् 2004 में बीए की पढ़ाई पूरी की। शहीद के भाई अंकित ने बताया कि अमित 1 जनवरी 2005 को डेढ़ साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 10 जून 2006 को सेना में बतौर लेफ्टिनेंट भर्ती हुए। वर्ष 2008 में कैप्टन के पद पर उन्हें प्रमोट कर दिया गया। कई जानलेवा अभियानों में सफलता प्राप्त करते हुए मिशन को पूरा करने पर वर्ष 2012 में उन्होंने मेजर पद की बागडोर संभाली।

तीन साल का है बेटा
अमित 11 मई 2009 को नीता के साथ शादी के बंधन में बंधे। उनका करीब तीन साल का बेटा है। वह अपने बेटे और पत्नी नीता के साथ हाल में असम के जोहराट में रह रहे थे। उनके परिजन झज्जर शहर के सेक्टर 6 में रहते हैं। पत्नी के मुताबिक, अमित ने 3 दिन बाद छुट्टी पर घर जाना था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
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