चंडीगढ़।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को विधानसभा में विशेष सत्र के दौरान नशे के खिलाफ बहस में हिस्सा लिया। मान ने इस दौरान शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर हमला बोला। कहा कि मजीठिया अब जेल में तकिया मांग रहे हैं। कोई तकिया नहीं मिलेगा। विजिलेंस जांच में पता नहीं उनकी कहां-कहां से संपत्ति निकलकर सामने आ रही है। कानून के अनुसार उनपर कार्रवाई होगी। पहले सरकारें इनकी थीं।
जब इन पर केस दर्ज किया तो पूछते हैं कि 540 करोड़ हमें वापस देंगे। मान ने मजीठिया की विधायक पत्नी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज वह सदन में क्यों नहीं आई। सीएम ने कहा कि उन्होंने नशे का मुद्दा पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर के सामने भी उठाया था। तब पता चला था कि युवा हाथियों को बेहोश करने वाली ड्रग ले रहे हैं। लाखों घरों में मौत हो गई और सरकार नशे पर लगाम लगाने में नाकाम रहीं। चिट्टे का मतलब जो नाभा बैठा है, उससे पूछ सकते हैं। मान ने कहा कि पंजाब को चिट्टा (सफेद) रंग का काला कलंक लग गया है। जिस तरह से सामान बेचने वाली कंपनियां चेन बनाती थी, वैसे नशा तस्करी का धंधा चलता रहा। उन्होंने कहा कि हम अपने युवाओं को नौकरियां लेने वाले नहीं नौकरियां देने वाले बनाएंगे। हमारी सरकार अब काम कर रही है।