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मजीठिया केस: ईडी अधिकारी के तबादले का सच

Mon, 19 Jan 2015 05:33 PM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर
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ड्रग रैकेट की जांच करने वाले प्रवर्तन निदेशालय के असिस्टेंट डायरेक्टर निरंजन सिंह के तबादले और नार्थ जोन के स्पेशल डायरेक्टर करनल सिंह से पंजाब का चार्ज वापस लिए जाने का तानाबाना करीब एक माह पहले शुरू हुआ था।
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उस समय ईडी के अधिकारियों की पंजाब के आईपीएस अधिकारियों के साथ सांठगांठ की सूचना पर केस की फाइल दिल्ली मंगवाई गई थी। ईडी की टीम छह हजार रुपये के ड्रग रैकेट में मनी लॉड्रिंग की जांच कर रही है। इस मामले में पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की जा चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक इस मामले की फाइल दिल्ली पहुंची तो केंद्रीय खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गईं। इसके बाद इस हाई प्रोफाइल मामले की दिल्ली से भी जांच शुरू हुई। दिल्ली में फाइल कितने दिन रही, यह तो साफ नहीं हो पाया लेकिन संभावना जताई जा रही है कि इसके पीछे सूबे के कई आला भाजपा नेताओं का हाथ था।
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इन नेताओं को आशंका थी कि ईडी के कई अधिकारी दोस्ती निभाने की फिराक में हैं और इससे उनका नुकसान हो सकता है। दिल्ली दरबार में फाइल का अध्ययन शुरू हुआ और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां चौकस हो गई।

दिल्ली में फाइल सत्ता के गलियारों तक पहुंची

जानकारी के मुताबिक यह बात भी दिल्ली दरबार में पहुंची कि पंजाब कॉडर के आईपीएस अधिकारी इस केस में दोस्ताना मैच करवाने के लिए पूरी पिच तैयार कर चुके हैं।

भाजपा के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक मजीठिया को केस में पूछताछ के लिए शामिल करने से पहले एक शिष्टमंडल ने दिल्ली में अपने आला नेताओं से मुलाकात की थी और कहा था कि इससे उनकी किरकिरी होती जा रही है। अगर केस में दूध का दूध पानी का पानी न हुआ तो उनका स्टेज पर खड़ा होना और जनता को फेस करना मुश्किल हो जाएगा।

इसके बाद तय किया गया कि दिल्ली से भी इस केस की निगरानी की जाए। बाकायदा इसकी फाइल दिल्ली मंगवाई गई और सत्ता के गलियारों से दिशा निर्देश भी जारी किए। इसके साथ ही केस में नार्थ जोन के स्पेशल डायरेक्टर करनल सिंह को मैदान में उतारा गया।
दिल्ली में फाइल जब सत्ता के गलियारों तक पहुंची तो खुफिया एजेंसियां सक्रिय हुईं। एजेंसियों ने पंजाब में अपनी टीम को जाल बिछाने का निर्देश दिया।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को इस दौरान प्रॉपर्टी की साझेदारी तक की जानकारी मिली। इसके बाद फोन टैपिंग का सिलसिला शुरू हो गया। एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक एक मोटी फाइल तैयार की जा चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े धमाके से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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अभी रिलीव नहीं हुए निरंजन सिंह

निरंजन सिंह जालंधर ईडी कार्यालय से अब तक रिलीव नहीं हुए हैं। दिल्ली से प्रवर्तन निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर राजेश्वर सिंह ने कहा है कि तबादला  राजनीति से प्रेरित से नहीं है। इसे प्रशासनिक आधार पर किया गया है। इसमें कोई दबाव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने उनकी कॉल मॉनिटरिंग के बारे में भी कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी है।

मुझे नहीं पता, किसका तबादला हुआ: बादल
ईडी अफसरों के तबादलों पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अनभिज्ञता जताई है। रविवार को लुधियाना में इस बाबत पूछे गए सवाल पर बादल ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ईडी में किसका तबादला हुआ है और क्यों हुआ है।

बादल ने कहा कि यह एजेंसी केंद्र सरकार के अधीन है और केंद्र सरकार की तरफ से अगर किसी अफसर की बदली की जाती है तो रुटीन का काम भी हो सकता है।
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