राजस्थान की सियासी उठापठक के बीच रोहतक मठ में पहुंचे महंत बाबा बालकनाथ बेफ्रिक नजर आए। न केवल गुरुओं की समाधी पर मत्था टेका, बल्कि सैनिक स्कूल में विद्यार्थियों के साथ खेलों में दो-दो हाथ किए। इसके बाद सुबह आठ बजे राजस्थान के लिए निकल गए। महंत के आगमन को पूरी तरह पर्दे के पीछे रखा गया।
बाबा मस्तनाथ सैनिक स्कूल के निदेशक हंसराज बालवान ने बताया कि महंत बालकनाथ शाम करीब चार बजे मठ में पहुंचे। सबसे पहले गुरुओं की समाधि पर मत्था टेका। इसके बाद मठ की व्यवस्था का जायजा लिया। सुबह सैनिक स्कूल पहुंचे और विद्यार्थियों के साथ खेलों में भाग लिया। वॉलीबॉल में दो-दो हाथ आजमाएं।