टोना-टोटका, तंत्र-मंत्र और काला जादू कहने को अलग-अलग है लेकिन इनका मतलब एक ही है। ऐसा कहा जाता है कि टोने-टोटके का ज्यादातर प्रयोग दुश्मन पर विजय पाने के किया जाता है। कई बार इसका प्रयोग किसी को अपने वश में करने के लिए भी किया जाता है। कई लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं तो कुछ लोग आज भी इन बातों पर भरोसा करते हैं। कहा जाता है कि जो पढ़े लिखे लोग हैं वे सब इन बातों को अंधविश्वास मानते हैं, लेकिन पुराने जमाने के लोग आज भी टोने-टोटके को मानते हैं।
पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ की सबसे ज्यादा आबादी पढ़ी-लिखी है। बावजूद इसके चंडीगढ़ जिला अदालत में आज भी टोने टोटके किए जाते हैं। सेक्टर-43 स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में ये सब हो रहा है।
सेक्टर -43 जिला अदालत की एक कोर्ट रूम के बाहर कुछ ऐसा देखने को मिला जिससे यह पता चला है कि कोर्ट परिसर में टोने-टोटके किए जा रहे हैं। बता दें कि कोर्ट-कचहरी में केस जीतने के लिए लोग टोने टोटके का सहारा ले रहे हैं। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की तीसरी मंजिल पर बने एक कोर्ट रूम के दरवाजे के पीछे सूखे चावल के कुछ दाने के बिखरे नजर आए, जिसको देख कर अंदाजा लगाए जा सकता है कि केस जीतने के लिए किसी तांत्रिक या अन्य किसी के बहकाने पर दोनों पक्षों में से किसी एक पक्ष ने अदालत के दरवाजे के पीछे बड़ी चालाकी से चावल का छिड़काव किया है। ताकि केस उसके पाले में हावी रहे।
सूत्रों का कहना है कि कोर्ट में आए दिन याचिकाकर्ता अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए सबकी नजर से बचकर टोने - टोटके करते नजर आते है। हांलकि अभी तक ऐसे करना कोई याचक या उसके साथी को पकड़ा नहीं जा सका है। पर आए दिन इस तरह के मामले सामने आने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग कोर्ट में केस अपने हिस्से में करने के लिए किसी के तांत्रिक या किसी अन्य के कहने पर अभिमंत्रित चावल आदि सामग्री का छिड़काव कर रहे है।