दो साल में कार्य पूरा करने की शर्त पर मिलेगा टेंडर
लुधियाना स्टेशन की नवीनीकरण योजना का मॉडल और डिजाइन तैयार हो चुका है। इसके टेंडर जून महीने में निकाले जाएंगे। टेंडर जारी करते समय महत्वपूर्ण शर्त यह रहेगी कि कांट्रैक्टर को दो साल के तय समय के भीतर अपना कार्य पूरा करना होगा। यह टेंडर तय समय के भीतर पूरा करने की क्षमता रखने वाली कंपनी को ही दिया जाएगा।
1864 में शुरू हुआ था लुधियाना स्टेशन, 1996 में विद्युतीकरण हुआ
गेट-वे ऑफ फिरोजपुर डिवीजन के नाम से मशहूर लुधियाना स्टेशन आज से 158 वर्ष पहले सन 1864 में शुरू हुआ था। शहरी विकास और ट्रेनों की आवाजाही बढ़ने के बाद इस स्टेशन को वर्ष 1996 में विद्युतीकरण प्रणाली से जोड़ा गया। जैसे-जैसे समय बीतता गया, स्टेशन की अपग्रेडेशन और विकास के कार्य तेजी पकड़ते गए। इस स्टेशन पर शुरुआती दिनों में दो प्लेटफार्म थे। कुछ वर्ष बाद बढ़ाकर चार प्लेटफार्म किए गए। विद्युत ट्रेनों का संचालन शुरू होते ही प्लेटफार्म की संख्या बढ़कर सात हो गई।
वर्तमान समय पर लुधियाना स्टेशन पर रोजाना 150 के करीब यात्री ट्रेन और 30 से ज्यादा मालगाड़ियों का आवागमन होता है। ऐसे में समय की जरूरत को देखते हुए प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाने और फ्रेट प्लेटफार्म बनाने की योजना भी पाइपलाइन में है।