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Punjab: ट्रेन में सफर के दौरान खराब हो गया था एसी, उपभोक्ता आयोग ने भारतीय रेलवे पर लगाया 10 हजार का जुर्माना

Fri, 24 Feb 2023 02:52 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

लुधियाना के सुंदर नगर निवासी होजरी कारोबारी और शिकायतकर्ता जसपाल सिंह के मुताबिक वह अपने परिवार सहित 7 जुलाई 2019 को अमरपाली एक्सप्रेस में कटिहार से लुधियाना आए थे। गर्मी के मौसम में सुविधाजनक सफर के लिए 6 जुलाई 2019 को एसी कोच की पांच तत्काल टिकट खरीदी थी।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लुधियाना में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सफर के दौरान ट्रेन का एसी नहीं चलने पर यात्रियों को हुई परेशानी और टिकट की राशि वापस नहीं करने पर भारतीय रेलवे को 10 हजार रूपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने शिकायतकर्ता जसपाल सिंह को 10 हजार की राशि वापस करने और 30 दिन के भीतर राशि वापस नहीं करने की सूरत में 8 फीसदी ब्याज सहित राशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
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लुधियाना के सुंदर नगर निवासी होजरी कारोबारी और शिकायतकर्ता जसपाल सिंह के मुताबिक वह अपने परिवार सहित 7 जुलाई 2019 को आम्रपाली एक्सप्रेस में कटिहार से लुधियाना आए थे। गर्मी के मौसम में सुविधाजनक सफर के लिए 6 जुलाई 2019 को एसी कोच की पांच तत्काल टिकट खरीदी थी। कटिहार स्टेशन से सफर की शुरुआत करने के बाद जब ट्रेन लखनऊ पहुंची तो वातानुकूलित डिब्बों के एसी में तकनीकी खराबी आ गई और एसी चलने बंद हो गए।

ट्रेन के स्टाफ को एसी बंद होने की शिकायत की, लेकिन वह एसी चालू करवाने में नाकामयाब रहे। एसी ठीक करवाने की बात तो दूर, भीषण गर्मी में पीने का पानी तक उपलबध नहीं करवाया गया, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। टिकट चेकरों ने तकनीकी खराबी संबंधी लिखित जवाब दिया और किराये की राशि वापस करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन लुधियाना पहुंचने पर किराया रिफंड नहीं हुआ।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक वह किराये का रिफंड लेने के लिए रेलवे अधिकारियों के पास भटकते रहे, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। 26 फरवरी 2021 को रेलवे विभाग को एक कानूनी नोटिस भी दिया, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा, जिसके बाद उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दायर करके 50 हजार रुपये का मुआवजा और 5100 रुपये के कानूनी शुल्क के साथ प्रति वर्ष 24% की ब्याज दर सहित 14,625 रुपये की राशि वापस करने की मांग की गई। आयोग का मानना था कि यात्री ने लखनऊ तक सुविधाजनक सफर किया था और उसके बाद परेशानी उठानी पड़ी, इसलिए भारतीय रेलवे को 10 हजार रुपये की राशि वापस करने के आदेश दिए गए। 
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