कालका की रेलवे कालोनी के पास गणतंत्र दिवस के दिन मिली नवजात बच्ची अब गोद पहचानने लगी है। जनरल अस्पताल के निकू वार्ड में भर्ती बच्ची को अब यदि पालने में लिटाया जाता है तो वह रोने लगती है और जैसे ही नर्स उसे गोद में उठाती है, चुप हो जाती है।
इस अस्पताल में यह बच्ची 21 दिनों से भर्ती है और पैर में जख्म होने की वजह से उसे अस्पताल में डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा है। चूंकि, यह 26 जनवरी का मिली थी, इसलिए नर्स में उसे ‘26’ के नाम से ही पुकारने लगे हैं।
नर्स उसे इस कदर प्यार करती हैं कि कभी उसके लिए कोई दूध का पैकेट लेकर आती हैं तो कभी कोई स्वेटर लेकर। उसकी देखभाल के लिए खास तौर पर नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है।
उधर, बाल रोग विशेषज्ञ डा. रोहित ने बताया कि ड्यूटी पर आते ही बच्ची का हाल जानने की इच्छा होती है। अब तो डाक्टर से लेकर नर्स तक की यह आदत सी बन गई है।
उन्होंने बताया कि बच्ची का प्लेटलेट्स और शुगर लेवल नार्मल है, लेकिन पैर के ऊपर जख्म है। समय-समय पर उसकी ड्रेसिंग की जा रही है। जख्म भरने के बाद ही उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।