हरियाणा भाजपा में बगावत हो गई है। करनाल सीट हजकां को दिए जाने के बाद भाजपा की टिकट से वंचित हुए वीरेंद्र मराठा ने शनिवार को भाजपा को छोड़ने का निर्णय लिया और बसपा में शामिल हो गए।
बहुजन समाज पार्टी ने लगे हाथ उन्हें करनाल से अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया। कांग्रेस छोड़ने वाले धर्मबीर सिंह के भाजपा में शामिल होने का भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध कर दिया है।
पिछले कुछ दिनों से भाजपा खुश हो रही थी कि उनकी पार्टी में कांग्रेस नेता शामिल हो रहे हैं। लेकिन शनिवार का दिन भाजपा के लिए अच्छा नहीं रहा।
करनाल से बसपा के टिकट पर 2009 में चुनाव लड़ने वाले वीरेंद्र मराठा काफी समय पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि करनाल से उन्हें भाजपा उम्मीदवार बना सकती है। लेकिन समझौते के तहत भाजपा ने करनाल सीट हजकां को दे दी।
यह फैसला तीन दिन पहले हुआ था। मराठा ने तुरंत बसपा के साथ बात की। बसपा के हरियाणा अध्यक्ष नरेश सारन ने बताया कि मराठा को करनाल से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है।
वे जीत हासिल करेंगे क्योंकि वे स्थानीय और मजबूत उम्मीदवार हैं। मराठा हरियाणा के रिटायर्ड एचसीएस अधिकारी हैं और रोड जाति से संबंध रखते हैं।
करनाल जिले में इस जाति के काफी वोट हैं। मराठा ने लंबे समय तक उत्तर हरियाणा की लड़ाई भी लड़ी थी। जिससे वे उत्तर हरियाणा में काफी प्रसिद्ध हुए थे।