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पंजाब की राजनीति में आ सकता है सियासी भूचाल, सुखपाल खैरा ने दिए चौथे फ्रंट के संकेत

Sun, 16 Sep 2018 09:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
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सुखपाल खैरा
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लोकसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में सियासी भूचाल आने के हालात बनते दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि सुखपाल खैरा ने चौथा फंट खड़ा करने के संकेत दिए हैं। सूबे में हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और बरगाड़ी गोलीकांड के मामले में जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद तेजी से बदले राजनीतिक हालात से अकाली दल विरोधियों के निशाने पर है। विरोधी अकाली दल को पूरी तरह से समाप्त करने का पूरा जोर लगा रहे हैं।
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जस्टिस रणजीत की रिपोर्ट के अनुसार गोलीकांड के लिए जिम्मेदार ठहराए पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और पुलिस अधिकारियों पर कैप्टन सरकार की ओर से कार्रवाई न किए जाने पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा ने शनिवार को बठिंडा में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि गोलीकांड के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए सभी हमख्याली राजनीतिक नेताओं और पार्टियों को साथ लेकर 21 सितंबर को बरगाड़ी से चंडीगढ़ तक पैदल रोष मार्च निकाला जाएगा।

सुखपाल खैरा के इस बयान से राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिस तरह खैरा आप के सांसद धर्मवीर गांधी, पूर्व सांसद जगमीत बराड़, यूपी के पूर्व जेल मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया, लुधियाना के बैंस बंधुओं के अलावा बीएसपी और सीपीआई सीपीएम को साथ लेकर चलने की बात कह रहे हैं, उससे साफ है कि वह पंजाब में चौथा साझा फ्रंट खड़ा कर सकते हैं।
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माना जा रहा है पंजाब की राजनीति में इस घटनाक्रम से 2019 में के लोकसभा चुनाव तक बड़ा बदलाव आ सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खैरा चौथा सांझा फ्रंट खड़ा करने में कामयाब हो गए तो लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस और अकाली दल भाजपा समेत आप को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। माहिरों का मानना है कि अगर अगले 15 दिनों तक कैप्टन सरकार गोलीकांड के आरोपियों पर जस्टिस रणजीत सिंह की रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई नहीं करती तो पंजाब की शांति को भी खतरा पैदा होने की संभावनाएं हैं।

फूलका के लिए यह इम्तिहान की घड़ी: खैरा
सूबे में हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में कार्रवाई न किए जाने पर पंद्रह सितंबर को अपने पद से इस्तीफा देने संबंधी फूलका के बयान पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि फूलका के लिए यह इम्तिहान की घड़ी है और उन्हें पंजाबियों के साथ खड़ा होना चाहिए। शनिवार को प्रेसवार्ता में खैरा ने आरोप लगाया कि बादल पिता पुत्र को कैप्टन बचाना चाहते हैं। उसी का नतीजा है कि बेअदबी और गोलीकांड के आरोपी पुलिस वालों को हाईकोर्ट जाने का जानबूझकर समय दिया गया है। खैरा ने कहा कि सूबे के डीजीपी सुरेश अरोड़ा को बादल ही कैप्टन को तोहफे में देकर गए हैं। ऐसे में डीजीपी आरोपियों पर कैसे कार्रवाई करेगा।
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