सियासी माहिरों का मानना है कि पीएम मोदी का भाषण इस अहम मुद्दे पर केंद्रित रहेगा। वह इसे गठबंधन सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर गिनाएंगे। यह संदेश देने की पूरी कोशिश करेंगे कि केंद्र सरकार की कोशिशों से ही सिखों की यह सबसे बड़ी मांग पूरी हो सकी है। मोदी इसके जरिए कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना भी साधेंगे कि उन्होंने कभी इसके लिए गंभीरता से प्रयास नहीं किया।
दूसरा अहम मुद्दा 1984 के सिख कत्लेआम के पीड़ितों पर मरहम लगाना हो सकता है। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को इस मामले में उम्र कैद की सजा दी है। जिसकी शिअद-भाजपा ने ही नहीं, पंजाब की कांग्रेस इकाई ने भी सराहना की थी। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा इस मामले में गठित एसआईटी ने बंद केसों को दोबारा खोला।
जिसके बाद पिछले दिनों ही दो आरोपियों को अदालत ने सजा सुनाई थी। यह मुद्दा भी मोदी के भाषणों में प्रमुख तौर पर होगा। क्योंकि बुधवार को ही कत्लेआम पीड़ितों और गवाहों ने दिल्ली में मोदी के साथ मुलाकात की थी। जो कि शिअद प्रधान सुखबीर बादल की अगुवाई में गए थे। पीड़ितों में बहुत ज्यादा परिवार गुरदासपुर जिले से संबंधित हैं। इसलिए मोदी का इस मुद्दे पर मुखर होकर कांग्रेस पर हमला करना भी तय माना जा रहा है।
शिअद-भाजपा के शीर्ष नेता होंगे मंच पर
पीएम नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान शिअद और भाजपा के सभी शीर्ष नेता मंच पर रहेंगे। शिअद से पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, प्रधान सुखबीर बादल, भाजपा से प्रदेश प्रधान श्वेत मलिक, केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला, प्रभारी प्रभात झा, संगठन मंत्री दिनेश कुमार, महासचिव राकेश राठौर रहेंगे। इनके अलावा हाल ही में पंजाब के प्रभारी नियुक्त किए गए हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु भी रहेंगे।