इनेलो परिवार में सुलह की तमाम कोशिशों के बावजूद रार बरकरार है। वहीं सांसद दुष्यंत चौटाला ने एक ऐसा कदम उठाया है कि यह घमासान अब और तेज हो गया। दुष्यंत ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए कई सवाल और खड़े कर दिए हैं। उधर, चौटाला परिवार का पूरा कुनबा भरसक प्रयत्न में लगा है कि किसी तरह परिवार में सुलह हो जाए।
सुलह करवाने की इस प्रक्रिया में पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला की पुत्रियां भी विवाद सुलझाने के लिए आगे आ गई हैं। सांसद दुष्यंत चौटाला ने नोटिस के जवाब में कहा है कि पार्टी ने जो नोटिस उन्हें दिया है उससे वह आहत हैं और मानसिक वेदना से गुजर रहे हैं।
मांगी गोहाना रैली की वीडियो रिकॉर्डिंग
पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला
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इसके अलावा उन्होंने कहा है कि इस नोटिस के साथ ही मुझे तथ्यों (वीडियो रिकार्डिंग) से भी अवगत करवाया जाए, ये रिकार्डिंग मुझे आज तक नहीं मिली है। इसलिए एक सप्ताह की समय सीमा में नोटिस का जवाब नहीं दिया जा सकता। दुष्यंत ने गोहाना रैली की वीडियो रिकार्डिंग मांगी है, जिसके बाद से घमासान और तेज हो गया है।
दुष्यंत को जो नोटिस भेजा गया है, उसमें कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर यह नोटिस भेजा जा रहा है। स्वर्गीय चौधरी देवीलाल के जन्मदिवस पर आयोजित इनेलो की गोहाना रैली में घटे इस घटनाक्रम के लिए आपको दोषी माना जाता है, पार्टी की प्रारंभिक सदस्यता से आपको निलंबित किया जाता है और जवाब देने के लिए एक हफ्ते का नोटिस दिया जाता है। तय सीमा में जवाब न देने पर अगली अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है विवाद
Om Prakash Chautala
पिछले कई दिनों से लेकर सियासी हलकों में चर्चा थी कि चाचा अभय चौटाला और भतीजे दुष्यंत चौटाला के बीच पटरी नहीं बैठ रही है। पहले तो इनेलो इस घटनाक्रम पर परदा डालती रही, लेकिन गोहाना रैली में दुष्यंत समर्थकों की हूटिंग के बाद ये विवाद खुलकर सामने आ गया। जिसके बाद पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने दुष्यंत को निलंबित कर पार्टी की कमान अभय चौटाला के हाथ में देने का संदेश दिया।