फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस नंबर को डायल करते ही मिलेंगी अमेरिका की तरह सभी आपातकालीन सेवाएं, जानें कैसे करेगा काम

Thu, 18 Oct 2018 09:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

अमेरिका के 911 ऑल-इन-वन आपातकालीन सेवा की तर्ज पर यहां पर भी राज्यवार आपातकालीन सेवाओं के लिए एक ही इमरजेंसी नंबर की योजना बनाई गई है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर चंडीगढ़ प्रशासन ने राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (एनईआरएस) की स्थापना पर काम करना शुरू कर दिया है। इससे जहां राज्यों को अत्याधुनिक बनाया जा सकेगा वहीं क्राइम कंट्रोल भी होगा। 

विज्ञापन


परियोजना के तहत सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय में एक हाईटेक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। इसका उपयोग सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक आम मंच के रूप में किया जाएगा। पुलिस, एंबुलेंस, अग्नि विभाग, महिला हेल्पलाइन और आपदा प्रबंधन की सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए एक नंबर-112 लांच किया जाएगा। 

इतनी आएगी लागत 
प्राप्त जानकारी के मुताबिक नियंत्रण रूम का डिजाइन और प्रारंभिक अनुमान इंजीनियरिंग विभाग ने तैयार किया था। इस पर 4.50 करोड़ रुपये लागत आने की उम्मीद है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

संकट के समय मिलेगी सुरक्षा

सांकेतिक तस्वीर
अमेरिका में 911 ऑल-इन-वन आपातकालीन सेवा के पैटर्न पर आपातकालीन सेवाओं के लिए एक ही संख्या की योजना बनाई गई है जोकि वहां काफी कारगर साबित हो रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह संख्या संकट में किसी व्यक्ति को अच्छी तरह से सुझाव देने के साथ ही सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

इन नंबरों का होगा विलय 
नई सुविधा के बारे में जागरूकता के आधार पर सभी मौजूदा आपातकालीन संख्याओं को चरणबद्ध तरीके से रोल करके 112 में बदल दिया जाएगा। अभी पुलिस (100), अग्निशामक (101), एंबुलेंस (102) और आपातकालीन आपदा प्रबंधन (108) जैसी विभिन्न आपातकालीन, संचार नंबर हैं।

प्रशिक्षित व्यक्तियों की होगी नियुक्ति
प्रशिक्षित व्यक्तियों को नियंत्रण कक्ष में नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और अन्य भाषाओं में धाराप्रवाह बोलने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पिछले साल यूटी ने सभी आपातकालीन सेवाओं के लिए एकल नंबर लांच करने की योजना की कल्पना की थी, लेकिन एमएचए से मंजूरी नहीं मिलने के चलते परियोजना लटक गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें