पूर्व मुख्यमंत्री और अमृतसर से कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा उम्मीदवार अरुण जेटली द्वारा अपनी प्रचार डायरी में मर्यादा और बहस के स्तर को लेकर किए गए दावों को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि जेटली की परेशानी व निराशा स्पष्ट तौर पर नजर आ रही है, जो उनके आचरण के विपरीत है।
जेटली की प्रचार डायरी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कैप्टन ने कहा कि उन्हें अपनी विरासत पर गर्व है। वह जेटली को बताना चाहते हैं कि वह 47 साल से लोगों की सेवा कर रहे हैं और इस दौरान उन्होंने कई चुनाव जीते और हारे हैं। न कि उस व्यक्ति की तरह जिसने हमेशा से पिछला दरवाजा अपनाया है।
जेतली द्वारा जगीरी साधनों पर निर्भर रहने संबंधी लगाए आरोपों पर चुटकी लेते हुए कैप्टन ने जेटली को अपने अकाली संरक्षकों प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर सिंह बादल की तरफ देखने की सलाह दी है। जिन्होंने सियासत से लेकर अर्थव्यवस्था तक पूरे राज्य को अपनी जागीर बना लिया है।
आप बाहरी हो, ऐसे में किसी भी पंजाबी से पूछिए, जो आपको बताएगा कि कौन जागीरी रखता है, वह या फिर आपके संरक्षक, जिन्होंने हर बिजनेस चाहे वो शराब हो, रेत हो, केबल हो, ट्रांसपोर्ट हो, पर अपना कब्जा कर लिया है।
इसके अलावा मजीठिया द्वारा नशों का गैर कानूनी धंधा किया जा रहा है। उन्होंने जेटली से सवाल किया कि क्या उनको पता है, बादल दिनों-दिन अमीर होते जा रहे हैं और पंजाब कंगाली की ओर जा रहा है।
कैप्टन ने कहा कि उन्होंने पंजाब के लिए जो किया है, उसके लिए उनको जेटली जैसे बाहरी व्यक्ति से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। मुझे अपने स्तर से नीचे गिरकर ढिंढोरा पीटने की आदत नहीं है कि मैंने पंजाब के लिए क्या किया। आप अभी तक नहीं समझे, तो अमृतसर के लोग प्रचार के दौरान आपको ट्रायल दे देंगे और 30 अप्रैल को लोगों का अंतिम फैसला आ जाएगा।
अमृतसर के बारे में कैप्टन ने कहा कि जेटली को जिले के बारे में पता नहीं है। 2006 में मेरे द्वारा अमृतसर के लिए तैयार किया विजन पेपर, जब मैंने सोचा नहीं था कि यहां से चुनाव लडूंगा, पहले ही लोगों के पास है। हालांकि वह जेटली की अज्ञानता का कारण समझ सकते हैं, क्योंकि बाहरी व्यक्ति होने के कारण उनको अमृतसर के मुद्दों की जानकारी नहीं है।
उन्होंने जेटली से सवाल किया कि यदि जेटली उनकी पार्टी को 84 के दंगों के आरोपी बताते हैं, तो अपने नेता एलके आडवाणी और प्रकाश सिंह बादल को भी आरोपी बताएं, जिन्हाेंने श्री दरबार साहिब पर सेना भेजने का फैसला लेने के लिए दबाव बनाया था।
उन्होंने जेटली का मखौल उड़ाते हुए कहा कि आपकी पार्टी की मौजूदा स्थितियों में आप अडवाणी को आरोपी कह सकते हैं। अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि जेटली ने ही उनके खिलाफ शिकायत लिखी थी और वह इस तरह ढिंढोरा पीट रहे हैं, जैसे यह मेरे खिलाफ फैसला था।
जेटली सब्र रखें और अदालत के फैसले का इंतजार करें। उनको खुद ही शिकायतकर्ता व खुद ही जज बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।