पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए योग्य उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला 19 मई को 2,03,74,375 मतदाता करेंगे। करीब ढाई लाख नए वोटरों पर सभी पार्टियों की नजरें रहेंगी। पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. के करुणा राजू ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि चुनाव तारीखों की घोषणा के साथ ही कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो गए हैं। सभी डीसी, एसएसपी को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हिदायतें दी गई हैं।
सियासी पार्टियों से भी आचार संहिता का पालन करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि 2014 लोकसभा चुनाव में 70.89 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि, 2017 विधानसभा चुनाव में 77.41 फीसदी वोट पड़े थे। 2014 में 4632 बूथ संवेदनशील थे और 2017 में 4254 बूथ संवेदनशील थे। 2014 में 1061 और 2017 में 132349 वोटर ऐसे चिह्नित किए गए थे, जो किसी दबाव या लालच में आ सकते थे। 2014 में 1933 और 2017 में 171 पोलिंग स्टेशन संवेदनशील थे।
पिछले लोकसभा चुनाव में अर्द्धसैनिक बलों की 199 कंपनियां और विधानसभा चुनाव में 500 कंपनियां तैनात की गई थीं। इस बार 199 से ज्यादा कंपनियां मांगी गई हैं। चुनावी खर्च के लिहाज से छह हलके अमृतसर, गुरदासपुर, जालंधर, पटियाला, लुधियाना, बठिंडा को संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें अतिरिक्त फ्लाइंग स्क्वायड तैनात किए जाएंगे। डॉ. राजू ने बताया कि पंजाब में कुल 3.61 लाख लाइसेंसी हथियार हैं। इनमें से 2.04 लाख पंचायत चुनाव के समय जमा कराए गए थे, वे अभी लौटाए नहीं गए हैं। चुनावी खर्च की सीमा 70 लाख है। चुनाव के दौरान 50 हजार से अधिक कैश लेकर चलने पर पाबंदी होगी।
किसी खाते में अचानक एक लाख या इससे ज्यादा डाले या निकाले गए हैं तो उस पर भी नजर रहेगी। सरकार तबादले कर चुकी है, अगर किसी ने ज्वॉइन नहीं किया है तो अब आयोग से इजाजत लेनी होगी। पंजाब में चुनाव के लिए 243 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। इस बार फार्म 26 में शिक्षा, आपराधिक मामले और आय आदि की जानकारी देनी काफी महत्वपूर्ण है। गलत मिलने पर आरओ ही नामांकन रद्द कर सकता है। सभी 23 हजार 213 बूथों पर ईवीएम वीवीपैट लगेगी और इनमें से आधी पर वेब कास्टिंग होगी। तीस प्रतिशत ईवीएम रिजर्व में रहेंगी।
पंजाब में आंकड़ों पर एक नजर
- 20374375 वोटर करेंगे उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला
- करीब ढाई लाख नए वोटरों पर रहेगी सभी पार्टियों की नजरें
- चुनावी खर्च के हिसाब से छह हलके संवेदनशील
- 3.61 लाख लाइसेंसी हथियार
- 50 हजार रुपये से अधिक लेकर चलने की इजाजत नहीं होगी
- अचानक किसी अकाउंट में आए एक लाख पर रहेगी नजर
- 23 हजार 213 बूथों में ईवीएम वीवीपैट, आधे पर होगी वेब कास्टिंग
पुरुष ---- 10754157
महिला --- 9619711
थर्ड जेंडर - 507
सर्विस वोटर - 100285
एनआरआई वोटर - 393
18-19 साल के वोटर - 255887
नेत्रहीन वोटर - 5814
मूक-बधिर वोटर - 4892
शारीरिक विकलांग - 39359
अन्य विकलांगता - 18486
पोलिंग स्टेशन - 23213
शहरी ------ 6819
ग्रामीण ----- 11597
हर जिले में रहेंगी ये टीमें
एक-एक स्क्रीनिंग कमेटी, एससीएमसी टीम, व्हीकल मैनेजमेंट टीम, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट टीम, वीडियो व्यूइंग टीम, अकाउंटिंग टीम।
लोकसभा हलके की टीमें
तीन फ्लाइंग स्क्वायड, तीन स्टेटिक सर्विलांस टीम, एक-एक वीडियो सर्विलांस, वीडियो व्यूइंग, अकाउंटिंग, एक्साइज टीमें और एक एईओ।
सी-विजिल पर करें शिकायत
चुनाव आयोग ने एक मोबाइल एप सी-विजिल लॉन्च किया है। जिस पर कोई भी व्यक्ति फोटो या दो मिनट के वीडियो भेज सकता है। किसी को भी गड़बड़ नजर आती है तो सीधा आयोग को शिकायत कर सकेगा। कार्रवाई के बाद आयोग उसे सूचित करेगा। अगर वह पहचान छिपाना चाहता है तो सार्वजनिक नहीं की जाएगी।